केंद्र पर प्रवेश नहीं मिलने से छात्रा के आंसू निकल आए।
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फिरोजाबाद में होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान सोमवार को दाऊदयाल कॉलेज केंद्र के बाहर महज तीन मिनट की देरी ने आगरा की एक बेटी के सपनों को चकनाचूर कर दिया। परीक्षा केंद्र के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए उसे अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद छात्रा गेट पर ही फूट-फूटकर रोने लगी।
आगरा जनपद के खेरागढ़ निवासी दारा सिंह अपनी पुत्री खुशबू को परीक्षा दिलाने आए थे। खुशबू की परीक्षा दूसरी पाली में दोपहर तीन बजे से थी। तमाम तैयारियों और खाकी पहनने की उम्मीद के साथ पहुंची खुशबू केंद्र के गेट तक पहुंचने में महज तीन मिनट लेट हो गई। उसने अंदर जाने के लिए पुलिसकर्मियों से काफी मिन्नतें कीं, गुहार लगाई, लेकिन नियमों की दीवार उसके आंसुओं से भी नहीं पिघली। बेटी को रोता देख पिता दारा सिंह उसे ढांढस बंधाते रहे, लेकिन खुद उनकी बेबसी भी साफ झलक रही थी। आखिरकार खुशबू को बिना परीक्षा दिए ही भारी मन से वापस लौटना पड़ा।
गणित और सामान्य ज्ञान के सवालों ने परीक्षार्थियों को उलझाया
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा सोमवार को जिले के छह केंद्रों पर कड़ी निगरानी में संपन्न हुई। परीक्षा के तीसरे दिन सामान्य ज्ञान और गणित के कठिन सवालों ने परीक्षार्थियों के पसीने छुड़ा दिए। कई अभ्यर्थियों ने तो प्रश्न पत्र के स्तर की तुलना सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से कर डाली। एमजी कॉलेज, सीएल जैन कॉलेज, दाऊदयाल कॉलेज और पालीटेक्निक जैसे केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया।
बेल्ट, जूते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बाहर ही उतरवा लिए गए। पहली पाली सुबह 10-12 बजे तक रही। इसमें 1623 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 585 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली (3-5 बजे) में 1671 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 537 ने परीक्षा छोड़ दी। इटावा के राजवीर और मैनपुरी के धनंजय ने बताया कि प्रश्न पत्र में न्यूटन के दूसरे नियम, संविधान के अनुच्छेद, अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण दिवसों से जुड़े जटिल सवाल पूछे गए थे। सोशल मीडिया से जुड़े संक्षिप्त शब्दों पर आधारित सवालों ने भी परीक्षार्थियों को काफी उलझाया। जहां कुछ ने पेपर को कठिन माना, वहीं अच्छी तैयारी करने वाले छात्र संतुष्ट नजर आए।