फिरोजाबाद। शहरवासियों की प्यास बुझाने को जेड़ाझाल परियोजना के तहत जलनिगम ने पांच साल पहले 340 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली थी। उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि जो पाइप लाइन डाली गई, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। वह पानी का प्रेशर नहीं झेल पा रही है। आए दिन लाइन फटने से हजारों लीटर गंगाजल जहां नालियों में बह रहा है, वहीं लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में करीब 54 स्थानों पर लाइन लीकेज की समस्या हैं।
पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से जहां लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है वहीं सड़कें भी टूटने लगी हैं। भोजपुरा मार्ग का निर्माण करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। यहां ओवरहेड टैंक के पास आए दिन पाइप लाइन लीकेज होने के कारण पूरी सड़क खराब हो चुकी है। नगर निगम ने पेचवर्क कर इसे ठीक कराया लेकिन बारिश में सड़क खराब होने का खतरा बना हुआ है।
इन स्थानों पर लीकेज है पाइप लाइन
- श्रीपाल कॉलोनी में 40 जगह
- आनंदपुरम में 04 जगह
- नाला रोड पर 01 जगह
- तहसील रोड पर 04 जगह
- लालऊ रोड पर 01 जगह
- मीनाश्री पुरम में 04 जगह
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जेड़ाझाल परियोजना के तहत शहर में जो पाइप लाइन डाली गई है उसकी गुणवत्ता खराब है। आए दिन लाइन फटने के साथ ही हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह जाता है। शिकायत के बाद भी इसे ठीक नहीं कराया गया है। क्षेत्र में करीब 15 स्थानों पर लाइन क्षतिग्रस्त है।
अभिनेंद्र यादव, पार्षद नगला भाऊ
पाइप लाइन की गुणवत्ता बेहद घटिया है। पाइप लाइन पानी का प्रेशर ही नहीं झेल पा रही है। जलनिगम के अफसरों से भी इस पाइप लाइन को बदलने के लिए मांग की गई थी। लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। अब जनता को इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है।
मुनेंद्र यादव, पार्षद ढोलपुरा
रेलवे स्टेशन से भोजपुरा होते हुए अग्रवाल धर्मशाला तक जाने वाले मार्ग का डेढ़ साल पूर्व नगर निगम ने डामरीकरण कराया था। पाइप लाइन फट जाने और पानी की लीकेज से सड़क पूरी तरह खराब हो गई। नगर निगम ने गड्ढे भरवा दिए, लेकिन दिक्कत कम नहीं हो रही।
कुलदीप शर्मा, दुकानदार भोजपुरा
घंटाघर से लोहामंडी चौराहा और यहां से धोबी वाली पुलिया तक नगर निगम द्वारा चार माह पूर्व सड़क का निर्माण कराया गया था। दूषित पानी की समस्या के चलते बनी हुई सड़क को करीब तीन स्थानों पर खोद दिया गया। इससे सड़क जर्जर हो गई है।
राजेंद्र मदान, व्यापारी बजरिया
जेड़ाझाल की पाइप लाइन कई स्थानों पर लीकेज है। टीम भेजकर इसे ठीक कराया जा रहा है। लाइन को ठीक कराने के लिए नई सड़क को तोड़ना पड़ता है। लीकेज ठीक कराने के बाद उसे ठीक करा दिया जाता है। जिससे लोगों को दिक्कत न हो।
रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल
बजरिया मार्ग
मार्ग का निर्माण चार माह पूर्व हुआ था। दूषित पानी की सप्लाई को रोकने के लिए तीन स्थानों पर लाइन को चेक करने के लिए सड़क की खोदाई की गई। नगर निगम ने पेचवर्क कराकर सड़क को ठीक करा दिया, लेकिन गड्ढे पूरी तरह से नहीं भरे गए हैं।
हनुमान रोड
काठ बाजार से मां राजराजेश्वरी कैलादेवी मंदिर को जाने वाला रास्ता दो वर्ष तक पूरी तरह से ठीक था। पाइप लाइन लीकेज होने के कारण यह रास्ता वर्तमान में जर्जर हो गया है, इससे मंदिर जाने वाले श्रद्घालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
60 फुटा रोड
नगर निगम द्वारा तीन साल पूर्व इस मार्ग का निर्माण कराया गया था। आए दिन लाइन लीकेज होने और नई पाइप लाइन डालने के लिए जल निगम ने सड़क खोद दी। सड़क पर पेचवर्क तो करा दिया गया पर सैलई चौराहा के समीप गड्ढे रह गए हैं।