यात्रियों ने कहा कि उन्होंने जल्दी और सुविधाजनक सफर की उम्मीद में प्रति यात्री करीब एक-एक हजार रुपये का भारी-भरकम किराया देकर सीटें बुक कराई थीं। शनिवार सुबह जब क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी परिवहन विभाग की रूटीन चेकिंग के दौरान एआरटीओ ने बस को रोक लिया। बस को सीज कर दिया।
फिरोजाबाद में नई दिल्ली से कानपुर जा रही एक निजी बस को परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने पकड़ लिया। बस को एआरटीओ द्वारा सीज कर फिरोजाबाद बस स्टैंड पर खड़ा करा दिए जाने से उसमें सवार दर्जनों यात्रियों का सफर बीच में ही थम गया। चालक और परिचालक द्वारा आगे की यात्रा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था न करने और किराया वापस न देने से नाराज यात्रियों ने शनिवार सुबह बस स्टैंड पर हंगामा काटा। यात्रियों ने बस संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपना रिफंड दिलाने की मांग को लेकर आक्रोश जताया है।
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निजी बस नई दिल्ली के आनंद विहार से बड़ी संख्या में यात्रियों को लेकर कानपुर के लिए रवाना हुई थी। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि उन्होंने जल्दी और सुविधाजनक सफर की उम्मीद में प्रति यात्री करीब एक-एक हजार रुपये का भारी-भरकम किराया देकर सीटें बुक कराई थीं। शनिवार सुबह जब क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी परिवहन विभाग की रूटीन चेकिंग के दौरान एआरटीओ ने बस को रोक लिया। कागजात में कमी या नियमों के उल्लंघन के चलते अधिकारियों ने बस को जब्त करते हुए फिरोजाबाद बस स्टैंड पर खड़ा करा दिया।
बस के आगे न बढ़ने और एआरटीओ की कार्रवाई के बाद चालक व परिचालक मौके से पल्ला झाड़ने लगे। यात्रियों का आरोप है कि पूरा किराया वसूलने के बाद भी बस स्टाफ ने उन्हें कानपुर भेजने के लिए न तो किसी दूसरी बस का इंतजाम किया और न ही उनके टिकट के पैसे वापस किए। इससे नाराज होकर यात्रियों ने बस स्टैंड परिसर में ही बस संचालक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी।
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महिला यात्री वंदना सिंह ने रोते हुए बताया कि वह अपने बेटे अनमोल सिंह के साथ कानपुर में एक रिश्तेदार की गमी में शामिल होने जा रही थीं। समय पर पहुंचना जरूरी था, लेकिन बस के बीच रास्ते में बंद हो जाने से वे लोग भीषण गर्मी में अपनों के बीच पहुंचने के बजाय स्टैंड पर फंस गए। हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचे रोडवेज और स्थानीय परिवहन अधिकारियों ने आक्रोशित मुसाफिरों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, यात्री इस बात पर अड़े रहे कि जब तक आरोपी ट्रैवल एजेंसी से उनका किराया वापस नहीं कराया जाता और उनके खिलाफ एफआईआर नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।