फिरोजबाद। कोरोना के केस बढ़ने के साथ ही जिले में पेरासिटामोल टेबलेट की खपत बढ़ गई। सामान्यत: हर माह 1.5 लाख टेबलेट की खपत होती है, लेकिन जनवरी माह में कोरोना की तीसरी लहर के पीक पर होने पर एक माह में 4.5 लाख टेबलेट की खपत हुई। पेरासिटामोल की डेढ़ लाख टेबलेट मेडिकल कॉलेज में जबकि तीन लाख सीएचसी, पीएचसी और होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों को किट में बांटी गई।
कोरोना संक्रमण का तीसरा चरण जनवरी में तेजी से बढ़ा था। हालत ये थे कि एक दिन में दो सौ से ऊपर मरीज मिले थे। मगर, यह लहर दूसरे चरण जैसी खतरनाक नहीं थी। सामान्य बुखार की तरह ही लोगों परेशानी हुई। ऐसे में लोगों ने घरों पर ही रहकर इलाज करना शुरु किया। जो संक्रमित मरीज पाए गए, उनमें 99 फीसदी मरीज होम आइसोलेट रहे। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित व्यक्ति सहित उसके परिवार व संपर्क में आने वाले लोगों को भी दवा उपलब्ध कराई। प्रत्येक पैकेट में बुखार के लिए पेरासिटामोल की 15 की गोली दी गईं। जनवरी माह में 1568 संक्रमित मिले थे। वहीं बिना जांच कराने वाले संक्रमित की संख्या अधिक है। एक माह में संक्रमित और उनके संपर्क में आने वालों को साढ़े चार लाख पेरासिटामोल का वितरण किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश प्रेमी ने बताया कि कोरोना काल में दवाओं की खपत कई गुना बढ़ गई है।