फिरोजाबाद। जिले में संक्रमित शिक्षकों ने पंचायत चुनाव कराया है। इन शिक्षकों ने लक्षण आने पर चुनाव से पूर्व कोरोना की जांच कराई थी। चुनाव के अगले दिन इन शिक्षकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। संक्रमित शिक्षकों के संपर्क में हजारों मतदाता आए हैं।
अब संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। इधर, जिले में 24 घंटे में चार शिक्षकों की मौत हो चुकी है। शिक्षकों की मौत के बाद अन्य शिक्षक एकजुट होकर मतगणना कार्य का बहिष्कार करने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
शिक्षक संघटनों का दावा है कि जनपद के तमाम शिक्षकों ने कोरोना की जांच चुनाव से पूर्व कराई थी। तबियत खराब होने की बात कहकर ड्यूटी हटाने को कहा लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनीं। बीमार शिक्षक चुनाव तो करा आए लेकिन अगले दिन उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में चुनाव टीम में शामिल अन्य मतदानकर्मी भी भयभीत हैं।
इन शिक्षकों की हो चुकी है मौत
कंपोजिट विद्यालय नगला पट्टी जसराना में तैनात शिक्षामित्र, शिकोहाबाद के प्राइमरी स्कूल धौरामऊ में तैनात शिक्षक अनिल यादव,- प्राइमरी गांगनी में तैनात सहायक अध्यापिका अखिलेश, मदनपुर ब्लॉक में उप्रावि नई गढ़ी में तैनात शिक्षक की मौत हो गई।
इनकी तबियत है खराब
प्राइमरी जिरौली में तैनात शिक्षिका नीलम, यूपीएस अब्बासपुर के शिक्षक अनूप कुमार, संविलियन विद्यालय में तैनात शिक्षिका नीलम कटार, प्राइमरी उजीरपुर में तैनात शिक्षिका पल्लवी की हालत खराब है।
चाहे सस्पेंड कर दो या दर्ज कराओ एफआईआर, नहीं करेंगे मतगणना कार्य
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमित एक शिक्षक पर कई बार मतगणना ड्यूटी का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अधिकारियों के फोन आए। शिक्षक ने बताया कि ड्यूटी न करने पर एफआईआर कराने की धमकी दी। इसके बाद शिक्षक ने कह दिया कि चाहे सस्पेंड कर दो या फिर एफआईआर दर्ज करा दो। मतगणना की ड्यूटी नहीं करूंगा। इसके बावजूद भी अधिकारी शिक्षक को फोन कर रहे हैं।