उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष जज (एससी-एसटी एक्ट) इफराक अहमद ने अनुसूचित जाति की महिला के प्रार्थनापत्र पर दारोगा, सिपाही सहित तीन के खिलाफ अभियोग दर्जकर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश पारित किया है। मामले की विवेचना अन्य सर्किल के सीओ से कराने के आदेश दिए हैं।
मामला शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की अनुसूचित जाति की महिला से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि शिकोहाबाद थाने में तैनात उप निरीक्षक महेंद्र सिंह, सिपाही शिवशंकर व यादव कॉलोनी निवासी सौरभ यादव उर्फ टिल्लू यादव आठ अप्रैल 2023 को शाम पांच बजे करीब जबरदस्ती घर में घुस आए। उसके पति के साथ पिटाई, गाली गलौज करने के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित करने का काम किया था।
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महिला ने विरोध करते हुए पति को बचाने का प्रयास किया तो इन लोगों ने उसके साथ पिटाई करते हुए गालियां दीं। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोप है कि सौरभ यादव ने छेड़खानी करने के साथ कपड़े तक फाड़ दिए। कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराके पति को जेल भेजने की धमकी दी। पति को थाने ले जाकर पिटाई की और दस हजार रुपये लेकर छोड़ा था। पीड़िता ने तहरीर दी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
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पीड़िता ने न्यायालय में अर्जी लगाई। विशेष न्यायाधीश इफराक अहमद ने पीड़िता की अर्जी स्वीकार करते हुए पुलिस के आदेश दिया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्जकर, विवेचना कराना सुनिश्चित करते हुए उसकी प्रति न्यायालय को उपलब्ध कराएं। मामले की विवेचना शिकोहाबाद सर्किल के सीओ से न कराके किसी और सर्किल के सीओ से कराने के आदेश दिए हैं।