फिरोजाबाद। जिले में बेसिक शिक्षा की हालत खराब है। बेहतर शिक्षा का दावे तो जरूर किए जाते हैं, लेकिन हर बार विभागीय अफसर और शिक्षक फेल नजर आते हैं। चाहे वह निपुण असेसमेंट टेस्ट की बात तो या फिर डायट से कराए गए सर्वे की। अभी हाल ही में एडी बेसिक के निरीक्षण में भी बच्चे सवालों के जवाब नहीं दे पाए। डायट की सर्वे रिपोर्ट में सिर्फ 30 फीसदी बच्चे ही निपुण पाए गए। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने कक्षा एक से तीन तक के बच्चों का शैक्षिक स्तर परखने के लिए सर्वे कराया था। इसके लिए डायट के 130 डीएलएड प्रशिक्षुओं को जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में स्कूल भेजा गया था। जिले के 1503 विद्यालयों के 60700 छात्र-छात्राओं का सर्वे करने का लक्ष्य निर्धारित था। हर स्कूल में तीनों कक्षाओं बच्चों से भाषा एवं गणित से संबंधित सवाल पूछे गए थे, जिससे पता चल सके कि बच्चों को कितना ज्ञान है। किस बच्चे से सवाल पूछना है, यह पहले तय नहीं था। इसलिए डीएलएड प्रशिक्षुओं ने रेंडम आधार पर बच्चों का चयन कर उनसे सवाल पूछे।
इस सर्वे के नतीजों का खुलासा हुआ है, जिसमें सिर्फ 30 फीसदी बच्चे ही निपुण पाए गए, यानी 18210 बच्चे ही निपुण पाए गए। बीएसए आशीष पांडेय का कहना है कि निपुण सर्वे की रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर कम है। शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए अभियान चलाए जाएंगे।
अब तक सिर्फ एक स्कूल बना निपुण
डायट के सर्वे में एक भी विद्यालय ऐसा नहीं मिला, जहां के सभी बच्चे निपुण मिले। शासन से हर जिले के निपुण विद्यालय की सूची जारी की। लेकिन, जिले में कोई भी विद्यालय निपुण नहीं मिला।
स्कूलों का होगा सत्यापन, फिर बनेंगे निपुण
निपुण के बारे में अब तक के नतीजों से विभागीय अफसर परेशान है। विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा स्कूल निपुण बन सके। नए स्कूल चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने निपुण होने का दावा किया है। हालांकि ये विद्यालय निपुण हैं या नहीं, इसका पता सत्यापन के बाद चल सकेगा। इन विद्यालयों का डायट की टीम परीक्षण करने के बाद निपुण पाए जाने वाले विद्यालयों की घोषणा होगी।