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ओडीएफ घोषित गांव में भी खुले में शौच

Tue, 13 Sep 2016 11:41 PM IST
Amar Ujala
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ओडीएफ घोषित गांव में भी खुले में शौच - फोटो : Amar Ujala
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गढ़ी पुरानी को सबसे पहले घोषित किया गया था ओडीएफ
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उदयवीर ने तोड़ दिया शौचालय, बोले अब दोबारा बनवाऊंगा
ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) घोषित गढ़ी पुरानी में एक दो नहीं अपितु तीन दर्जन से अधिक परिवार खुले में शौच जाते हैं। इसका प्रमुख कारण इनके शौचालय नहीं बनना है। तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद की पहल के कारण लोग एक दूसरे शौचालय के प्रयोग करते रहे लेकिन अब ग्रामीण नहीं जाने देते। उदयवीर ने तो अपना शौचालय ही तोड़ डाला है।
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एक हजार से अधिक आबादी वाले गढ़ी पुरानी गांव एससी बाहुल्य है। हालांकि कुछ परिवार सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के भी है। तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने गांव को खुले में शौचमुक्त का अभियान चलाया। 192 घरों में शौचालय बनाए गए। ग्रामीणों को डीएम की पहल रास आई। कई ग्रामीणों ने उनके समक्ष स्वीकारा कि उन्होंने एक-दूसरे का भी शौचालय प्रयोग का वायदा किया लेकिन समय बदलने के साथ शौचालय का प्रयोग कराना बंद कर दिया। ऐसे में 30 से अधिक परिवार खुले में शौच जाने को विवश हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है काफी घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग शौचालय निर्माण में किया गया। उदयवीर सिंह के घर बना शौचालय तो उन्होंने स्वयं ही तोड़ दिया। उनका कहना था कि ठेकेदार ने बीच में शौचालय बना दिया। इस कारण तोड़ दिया है।
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- हमारा शौचालय नहीं बनाया गया। इसके कारण हमारा परिवार खुले में शौच जाने को विवश हैं। प्रशासन को शौचालय बनवाना चाहिए।
प्रदीप कुमार गढ़ी पुरानी
- परिवार में 15 सदस्य होने के बाद एक ही शौचालय बना था। इसके कारण हम मजबूरन  खुले में शौच जाने को विवश हैं।
बिट्टू गढ़ी पुरानी
- हमें शौचालय नहीं मिला। काफी प्रयास किया था। खेत में जाना तो नहीं चाहते, लेकिन मजबूर है। डीएम के आने पर दूसरे का शौचालय प्रयोग करते थे।
प्रियंका गढ़ी पुरानी  
-शौचालय बनवाने में राजनीति हुई। चहेतों को शौचालय मिले हैं। पात्रों को लाभान्वित नहीं किया गया। इसके कारण दिक्कत है।
ब्रजेश कुमार गढ़ी पुरानी

-एक हजार से अधिक आबादी है गढ़ी पुरानी की।
-192 शौचालयों का गांव में कराया गया निर्माण।
-दलित बाहुल्य गांव में कई परिवार शौचालय से वंचित।
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