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मेडिकल कॉलेज में नाम के लिए खुलीं ओपीडी, समय से नहीं पहुंचे चिकित्सक

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जिला अस्पताल में ओपीडी खुलने के बाद चर्म रोग विभाग पर मरीजों के हाथ सैनिटाइज कराकर प्रवेश दिलाता - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। शासन के आदेश पर करीब 40 दिनों बाद मेडिकल कॉलेज में ओपीडी खुल गई। मगर स्वास्थ्य सेवाओं के हाल नहीं बदले। इलाज कराने के लिए मरीज मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। सुबह आठ बजे से खुलने वाली ओपीडी में नौ बजे तक कोई भी चिकित्सक नजर नहीं आया। इंतजार करने के बाद मरीजों को बिना दवा लिए वापस जाना पड़ा। यही हाल देहात क्षेत्रों में सीएचसी पर रहे।
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कोरोना संक्रमण के कारण मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी लंबे समय से बंद चली आ रही हैं। शुक्रवार से सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी खोलने के आदेश शासन ने दिए थे। मगर ओपीडी खुलने के पहले दिन ही स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। सुबह साढ़े आठ बजे अस्पताल का अस्सी फीसदी स्टॉफ नदारद था। वहीं अन्य चिकित्सकों के कक्ष खाली थे। करीब नौ बजे चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरए सुधाकर कक्ष में पहुंचे। उन्होंने मरीजों को तत्काल देखना शुरू किया। वहीं महिला अस्पताल की बात करें तो सुबह नौ बजे तक कोई भी चिकित्सक नहीं बैठा था। अल्ट्रासाउंड कक्ष भी खाली पड़ा था। मरीज घंटों बैठकर चिकित्सक आने का इंतजार करते रहे। इसके अलावा मेडिसन, सर्जरी विभाग की ओपीडी भी बंद थी। ओपीडी के बाहर मरीज रजिस्ट्रेशन कराकर बैठे थे। चिकित्सक न आने के कारण कई मरीज वापस चले गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
हम स्वयं निरीक्षण करेंगे। चिकित्सकों को निर्देश देंगे कि समय से ओपीडी में पहुंचे। कई चिकित्सक सुबह राउंड पर रहते हैं। ओपीडी खुल गई हैं, मरीजों को इलाज मिलेगा। किसी प्रकार की तकलीफ मरीजों को नहीं होने दी जाएगी।
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डॉ. आलोक कुमार, प्रभारी सीएमएस
मेडिकल कॉलेज.......
मरीजों की पीड़ा
शिकोहाबाद से आई जन्नत ने कहा कि बच्ची को सर्दी, जुकाम है। अस्पताल में इलाज कराने के लिए लाए थे। सुबह आठ बजे के बैठे हैं। मगर चिकित्सक नहीं आए तो वापस जा रहे हैं।
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बुखार आ गया था। फिजिशियन को दिखाने के लिए आए थे। मगर यहां स्टाफ ने बताया कि दो दिन बाद आना। तब इलाज मिलेगा।
काजल, सविता नगर निवासी
डॉक्टर साहब से दवा लेने आए थे। नौ बज गए। मगर यहां तो कोई डॉक्टर साहब नहीं आए। कब तक इंतजार करें, कोई बताने वाला भी नहीं है।
आरती, पचवान कॉलोनी निवासी
8:30 बज रहे हैं। चर्म रोग विभाग में कोई डॉक्टर नहीं आया है। इतने दिन बाद ओपीडी खुली है। इसके बावजूद भी हालात नहीं सुधरे नजर आ रहे हैं।
सचिन, नगला करनसिंह निवासी
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