खत्ताघर के निर्माण की राह आसान होती नजर नहीं आ रही है। किसान बढ़े हुए सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग पर अड़े हैं। जिला प्रशासन से तीन दौर की वार्ता हो चुकी हैं। किसानों की मांग को देखते हुए मुआवजे के लिए 12.63 करोड़ की डिमांड शासन को भेजी गई है।
नगर पालिका परिषद (वर्तमान में नगर निगम) द्वारा वर्ष 2008 में शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर कुतकपुर चनौरा में 5.265 हेक्टेयर भूमि खत्ताघर के लिए चिह्नित की थी। वर्ष 2010 में धारा चार की कार्यवाही तथा 2013 में दाखिला खारिज हो भी हो चुका है। नगर निगम बनने के बाद शहर के लिए खत्ताघर की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा कवायद तेज कर दी गई है। डीएम विजय किरन आनंद ने स्वयं किसानों से तीन बार वार्ता कीद्घ वह स्वयं कुतकपुर चनौरा भी किसानों से वार्ता करने पहुंचे थे। डीएम के समक्ष किसानों ने मांग की थी कि हमें वर्ष 2010 की अपेक्षा वर्ष 2013 की सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिलाया जाए। इस पर डीएम ने किसानों को लिखित अपनी बात देने के लिए कहा था। किसानों ने वर्ष 2013 की सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने के संबंध में जिला प्रशासन को पत्र सौंप दिया है। नगर निगम द्वारा वर्ष 2010, 2013 व 2014 की सर्किल रेट के हिसाब से डिमांड लेटर बनाकर शासन को भेजा गया है। अब खत्ताघर के लिए जमीन मिलने की सारी उम्मीदें शासन पर टिकी हुई हैं।
सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा
वर्ष सर्किल रेट मुआवजा प्रति हेक्टेयर
2010 - 14,81,482 3.12 करोड़
2013 - 42 लाख 8.84 करोड़
2014 - 60 लाख 12.63 करोड़
शहर में नीट एंड क्लीन रखने के लिए खत्ताघर के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसान 2013 के सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे हैं। हमने किसानों की मांग के अनुसार धनराशि के लिए शासन को पत्र भेज है। धनराशि के मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रामऔतार रमन, नगर आयुक्त