शासन के निर्देश पर बिजली चोरी रोकने को जिले भर में चलाए गए महाअभियान के बाद भी लाइन लास नहीं घट रहा है। बिजली चोरी रोकने को विभाग द्वारा सिस्टम को अपडेट करने में भी करोड़ों रुपये फूंक दिए गए, लेकिन अभी तक अपेक्षानुरूप परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।
सुहागनगरी में व्यापक पैमाने पर विद्युत चोरी हो रही है। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक कटिया डालकर धड़ल्ले से विद्युत चोरी की जा रही है। वहीं जो कनेक्शनधारक उपभोक्ता हैं वह भी रात्रि में कटिया डालकर विद्युत चोरी करने में पीछे नहीं हैं। यही नहीं उद्योग क्षेत्रों, कामर्शियल कांपलेक्स में भी चोरी हो रही है। व्यापक स्तर पर होने वाली विद्युत चोरी में विभागीय संलिप्तता भी सामने आ रही है। विद्युत चोरी के चले विभाग को हर महीने 8-10 करोड़ की चपत लग रही है। शासन के निर्देश पर बिजली चोरी रोकने को दो बार चलाए गए महाअभियान के जरिए विभाग ने हजारों नए कनेक्शन करा लिए लेकिन विद्युत चोरी फिर भी नहीं रुकी। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी भी फीरोजाबाद व शिकोहाबाद टाउन में बिजली चोरी का ग्राफ काफी ऊपर है। टूंडला टाउन में आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी युक्त) मीटर लगना शुरू होने के बाद लाइन लॉस में कुछ गिरावट अवश्य हुई है, लेकिन अभी अपेक्षानुसार परिणाम नहीं मिले हैं। बिजली चोरी न रुकने के पीछे विभागीय मिलीभगत भी है। विभाग में प्राइवेट रूप से तैनात मीटर रीडर, डिसकनेक्शन टीम में शामिल कर्मचारी ही बिजली चोरी कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कहां कितना लाइन लॉस
फीरोजाबाद - 37
टूंडला -32
शिकोहाबाद - 38
जिले में बिजली चोरी रोकने को लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। रात्रि में कटिया डालकर होने वाली विद्युत चोरी रोकने को लिए छापामार अभियान चलाया जाएगा। विभाग द्वारा बिजली चोरी रोकने को हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता