फिरोजाबाद। नितेश की स्वयं का अपहरण कर हत्या का तानाबाना बुनने वाले मनोज यादव से अच्छी दोस्ती थी। नितेश हथियारों का शौकीन था। मनोज ने नितेश को फोन कर हथियारों के सप्लायर्स से मुलाकात करने के लिए बुलाया था। यहां पर मनोज ने इमरान, आमीन और इसरार से उसकी मुलाकात कराई थी।
राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षु आईपीएस सुजीत शंकर की ओर से जारी प्रेसनोट में बताया कि नितेश हथियारों का शौकीन था। नितेश ने मनोज से हथियार दिलाने की बात की थी। साजिश के तहत मनोज यादव ने हथियारों के सप्लायर्स से मिलने के लिए नितेश को फोन कर 24 जनवरी को जयपुर बुलाया था। इस बीच मनोज ने हरि लंगड़ा से सुपारी लेकर इसरार उर्फ कल्लू को भी जयपुर बुला लिया था। नितेश को अवैध हथियार दिलाने के बहाने फिरोजाबाद तक ले आए।
जनवरी में रची गई हत्या की साजिश
राजस्थान पुलिस की मानें तो नितेश की हत्या की साजिश जनवरी माह में ही रच ली गई थी। साजिश रचने वालों में आदित्य शर्मा उर्फ बिट्टू के साथ मनोज का दोस्त गौतम भी शामिल था। आदित्य घाटी वाले बालाजी मंदिर का पुजारी है।