संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। किसानों की भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र होता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के समर्थन में आए किसानों ने सोमवार को आरौंज कट के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया और निर्माण कार्य रुकवा दिया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि गुस्साए किसानों ने एनएचएआई के इंजीनियर को करीब पांच घंटे तक धरना-स्थल पर ही रोके रखा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा फ्लाईओवर निर्माण के दौरान किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन कई किसानों का आरोप है कि उनकी पांच मीटर से अधिक भूमि लेने के बावजूद उन्हें पूरा मुआवजा नहीं दिया गया। इसी को लेकर पिछले कई दिनों से किसानों और प्रशासन के बीच तनातनी बनी हुई है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के समर्थन के बाद आंदोलन ने जोर पकड़ लिया।
किसान धरने पर बैठ गए और निर्माण कार्य बंद करा दिया। सूचना पर राजस्व विभाग के लेखपाल शिवांश मोहन मिश्रा और एनएचएआई के इंजीनियर यथार्थ गुप्ता टीम के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों को नक्शा दिखाकर समझाने की कोशिश की गई, लेकिन सर्वेयर मेहताब के मौके पर न पहुंचने से बातचीत बेनतीजा रही। इससे आक्रोशित किसानों ने दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक इंजीनियर को धरना-स्थल से नहीं जाने दिया और एनएचएआई के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। साथ ही सर्वेयर पर पक्षपात के आरोप भी लगाए। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम डॉ. गजेंद्रपाल सिंह ने हस्तक्षेप किया और मंगलवार को जमीन की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही किसानों ने इंजीनियर को जाने दिया।
धरने में सीपी सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ), ओमवीर सिंह एडवोकेट (प्रदेश अध्यक्ष, ओबीसी मोर्चा), इंजीनियर अनिल यादव, डॉ. राज कुमार, सुनील प्रधान, धर्मेंद्र सिंह, मुल्तान सिंह, रविंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।