फीरोजाबाद में शहर को भले ही नगर निगम का दर्जा मिल गया हो, लेकिन समस्याओं से निजात नहीं मिल पाई है। मंगलवार को सबेरा होते ही हिमायूंपुर, नगला पचिया और मोहल्ला दुली के बाशिंदे नगर विधायक के आवास पर पहुंच गए। उधर सत्य नगर टापा के लोगों ने समस्याओं को लेकर हंगामा और नारेबाजी की।
नगर विधायक को समस्याओं से रूबरू कराते हुए नगला पचिया और हिमायूंपुर के लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई न आने के कारण इस भीषण सर्दी में लोगों को रात-रात भर जागना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र की ऊबड़ खाबड़ गलियों में गिर कर आए दिन लोग घायल होते हैं। डीएम विजय किरन आनंद ने क्षेत्र का दौरा कर समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया था। लेकिन एक माह से अधिक का समय बीत गया। समस्या का कोई निस्तारण नहीं हुआ। निगम अधिकारियों से शिकायत करने जाएं तो उनके साथ मारपीट और अभद्रता की जाती है। मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं।
यही हाल रहा तो क्षेत्रीय लोग आंदोलन के साथ भूख हड़ताल जैसा कदम उठाने के लिए बाध्य हाेंगे। मोहल्ला दुली के बाशिंदों का कहना था कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पानी का संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया गया था। लेकिन इसके बाद भी समस्या से निजात नहीं मिल सकी। नगर विधायक मनीष असीजा ने क्षेत्रीय लोगों को समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया और कहा वह डीएम से बात करेंगे।
सत्य नगर में नारेबाजी, आंदोलन की चेतावनी
फीरोजाबाद। बात न्यू ओझानगर सत्यनगर की जाए तो यह क्षेत्र विकास के नाम पर काफी पीछे नजर आता है। भले ही यह नई आबादी में आता हो, लेकिन इस क्षेत्र के हालात सुधारने के लिए प्रशासन से लेकर नगर निगम अधिकारियों ने सुध नहीं ली। इसका खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को उठाना पड़ रहा है। यहां न तो सड़क दिखाई दे रहीं थीं और न ही नालियां। क्षेत्र का नजारा यमुना की तलहटी के समीप बने गांव से कम नहीं था। क्षेत्र में खाली पड़े प्लाट तालाब का रुप ले चुके थे, जबकि प्रत्येक घर के बाहर गंदा पानी भरा था। यहां के रहने वाले लोग इसके बीच पैदल होकर गुजरने को विवश थे। क्षेत्रीय निवासी नीतू शर्मा, जॉनी गुप्ता, गीता कश्यप, शीला, आशीष और ममता के साथ मनोज से बात की गई तो वह बोले कोई सुनने वाला नहीं है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि आज विरोध किया है यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह उग्र आंदोलन के साथ भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे।
दो माह बाद ही जवाब दे गई सड़क
न्यू ओझानगर सत्यनगर की गलियों में नगर निगम ने इंटर लाकिंग कार्य कराया गया था। लेकिन दो माह बाद ही इंटर लाकिंग जगह जगह धंस गई।
सत्यनगर निवासी आरती का कहना है कि क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए नगर पालिका द्वारा टेंडर उठाए गए थे। ठेकेदार ने आधी से ज्यादा गलियों में इंटर लाकिंग कार्य नहीं कराया। इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
लौंगश्री की माने तो निगम की लापरवाही से क्षेत्र में कभी भी कोई बीमारी दस्तक दे सकती है। नालियों और सड़क का निर्माण नहीं होने से हर घर के बाहर जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। जो कभी भी किसी भी बीमारी को दस्तक देने का काम कर सकती है।