नगर निगम से अभिलेख प्राप्त करते बीएलओ।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान में निगम अधिकारियों के साथ बीएलओ और सुपरवाइजरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। वोटर लिस्ट प्राप्त करने के बाद भी शुक्रवार को बीएलओ बूथों पर नजर नहीं आए।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय चुनाव के लिए 15 मई तक पुनरीक्षण अभियान चलाकर ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित निर्वाचक नामावली का निरीक्षण, दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन कार्यालय द्वारा वोटर लिस्ट उपलब्ध न कराने के पुनरीक्षण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। निर्वाचन कार्यालय ने गुरुवार दोपहर में मेल के माध्यम से वोटर लिस्ट उपलब्ध करा दी। ऐसे में नगर निगम ने प्रिंट आउट कर शाम से बीएलओ को वोटर लिस्ट वितरित करना शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह से वोटर लिस्ट प्राप्त करने के लिए बीएलओ की कतारें नजर आईं। बीएलओ भाग संख्या के हिसाब से अपने-अपने क्षेत्र की वोटर लिस्ट प्राप्त करने को जद्दोजहद करते दिखे। इधर, गुरुवार शाम को वोटर लिस्ट व सामग्री प्राप्त करने वाले बीएलओ भी शुक्रवार को अपने-अपने बूथों पर नहीं पहुंचे। जबकि तहसीलदार द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं सभी बीएलओ अपने-अपने बूथ पर बैठकर दावे-आपत्तियां प्राप्त कर उनका निस्तारण करेंगे7
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शिकायत नहीं आनी चाहिए, चाहे कुछ भी करो
नगर निगम के अधिकारियों नगर निकाय चुनाव को लेकर कतई गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। पुनरीक्षण अभियान में स्वयं तो लापरवाही बरत ही रहे हैं, वहीं सुपरवाइजर एवं बीएलओ को कुछ ऐसे ही आदेश रहे हैं। नगर निगम में कुछ बीएलओ अफसरों से पूछती नजर आईं कि हमें डोर-टू-डोर जाकर दावे-आपत्तियां प्राप्त करनी हैं अथवा बूथ पर बैठकर। इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि हमारे पास कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। चाहे घर बैठकर काम करो या बूथ पर जाओ। हमें इससे मतलब नहीं।