रामलीला मैदान स्थित राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर में विराजमान माता
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फिरोजाबाद। नवरात्र को लेकर भक्तों में उल्लास है। 17 अक्तूबर से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर मंदिरों में भी तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में साफ सफाई की गई। मां राजराजेश्वरी कैलादेवी मंदिर और माता श्री वैष्णो देवी मंदिर पर एक-एक मीटर की दूरी पर गोले घेरे बनाए गए हैं। प्रमुख मंदिरों में भक्तजन हलवा-पूड़ी का भोग नहीं लगा सकेंगे।
राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर: मुख्यगेट रहेगा बंद
मां राजराजेश्वरी कैलादेवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विपिन कुमार ने बताया कि मंदिर के मुख्य गेट से श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा। मुख्यगेट दोनों तरफ बने छोटे गेटों से प्रवेश व निकासी की व्यवस्था की गई है। मां के भवन पर नेजा चढ़ाने की अनुमति किसी को नहीं होगी। केवल सूखे प्रसाद की अनुमति होगी। पूड़ी सब्जी के भोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
वैष्णोदेवीधाम उसायनी: केवल सूखा प्रसाद चढ़ा सकेंगे भक्त
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ललतेश जैन ने बताया कि श्रद्धालु गोले के अंदर खड़े होने के साथ ही करीब एक मीटर दूरी से मां के दर्शन करेंगे। मंदिर के अंदर प्रवेश करने से पूर्व श्रद्धालुओं के हाथों को सैनिटाइज करेंगे। इसके लिए मंदिर के बाहर सैनिटाइज मशीन लगा दी गई है। श्रद्धालुओं द्वारा हलवा, चना और पूड़ी सब्जी का भोग लगाने की अनुमति नहीं होगी। केवल सूखा प्रसाद ही चढ़ा सकते हैं।
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इस बार 15 से 20 प्रतिशत रही डिमांड
फिरोजाबाद। दुर्गा की मूर्ती तैयार करने वाले अशोक कुमार का कहना है कि इस बार 15 से 20 प्रतिशत ही डिमांड रही है। पिछले साल जहां पांच से छह फुट लंबी प्रतिमाएं तैयार की गई थी। वहीं इस बार एक से दो फीट की प्रतिमा तैयार की गई है। टूंडला में सजने वाली दुर्गापूजा का इस बार एक भी आर्डर नहीं आया। पिछले साल दस से अधिक प्रतिमाओं के आर्डर आए थे।