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जिले में 36 हैरीटेज वृक्ष चुने गए, इनका किया जाएगा संरक्षण

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फिरोजाबाद। दो चरणों में हुए सर्वे के बाद जिले की विभिन्न ग्राम और पंचायतों में मंदिर, हाट और सार्वजनिक स्थलों पर स्थित 36 वृक्षों को हैरीटेज (अति प्राचीन विरासत) वृक्षों के रूप में चुना गया है। इन वृक्षों का चयन ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों एवं वन विभाग द्वारा कराए वनस्पतिक अध्ययन के बाद किया गया। चार पीढ़ी पुराने (लगभग सौ साल) इन वृक्षों की देखभाल का जिम्मा अब ग्राम और क्षेत्र पंचायतों पर रहेगी।
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भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण विभाग दिल्ली की पहल पर हैरीटेज वृक्षों के चयन के लिए जिला प्रशासन ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों और निकायों से अगस्त माह में प्रस्ताव मांगे गए थे। अभियान के दौरान हैरीटेज वृक्षों के चयन के लिए 2366 प्रस्ताव वन विभाग को मिले। सितंबर माह में इन सभी प्रस्तावों का वन विभाग की बॉयलॉजिकल टीम ने परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थित 36 वृक्षों को प्राचीन विरासत के तौर पर चिहिंत कर रिपोर्ट भारतीय वानस्पतिक संस्था को प्रेषित की गई है।
हैरीटेज वृक्षों में बरगद की संख्या सर्वाधिक
क्षेत्रीय वनाधिकारी ओपी सिंह के मुताबिक जिले में 19 बरगद, पीपल के 14, पाकड़ के दो एवं परिजात का एक वृक्ष लगभग चार पीढ़ी यानि 100 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
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ग्राम पंचायत को दिया जाएगा रखरखाव का जिम्मा
भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण संस्थान द्वारा जारी गाइड लाइन के मुताबिक विरासत के रूप में चुने गए वृक्षों की देखभाल का जिम्मा संबंधित ग्राम और पंचायत को दिया जाएगा। वन विभाग भी समय-समय पर इनकी मॉनीटरिंग करेगा।इन मानकों के आधार पर चिहिंत हुए हैरीटेज वृक्ष
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- गैर विवादित भूमि पर स्थापित वृक्ष
- वह वृक्ष जिनकी विशिष्ट पहचान हो तथा सामान्य विशेषताओं से भिन्न हों।
- पौराणिक घटनाओं, ऐतिहासिक अवसरों एवं धार्मिक संस्मरणों से जुड़ा हो।
- विलुप्त प्रजाति अथवा सदियों से पूजे जाने वाले वृक्ष
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