जलनिगम अफसरों की लापरवाही से नारखी क्षेत्र की करीब 15 हजार की आबादी बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। लाखों की लागत से बनी पेयजल परियोजना ठप हो गई, नलकूप भी फेल पड़े हैं। ऐसे हाल में ग्रामीणों को हैंडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है। हैंडपंपों पर पानी भरने को मारामारी मची हुई है।
जलनिगम द्वारा लाखों की लागत से नारखी में पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया था। देखरेख के अभाव में पेयजल टंकी शोपीस बन कर रह गई है। पेयजल टंकी से नारखी ताल्लुका व नारखी धौकल से जुड़ी करीब 15 हजार की आबादी जुड़ी है। पेयजल टंकी को भरने के लिए स्थापित नलकूप भी फेल हो चुके हैं। लाखों की लागत से बनी पेयजल टंकी लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। नलकूप फेल होने के साथ-साथ क्षेत्र में पेयजल संकट भी बढ़ता गया। क्षेत्रीय जनता ने कई बार जलनिगम अफसरों से लिखित रूप से शिकायत की गई, परंतु अफसरों ने पेयजल टंकी को दुरुस्त कराने को गंभीरता नहीं दिखाई।
जलनिगम अफसरों, कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा नारखी क्षेत्र से जुड़ी 15 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। पेयजल टंकी से आपूर्ति व्यवस्था पूरी फेल हो गई है। लगातार शिकायतें करने के बाद भी जलनिगम अफसरों की नींद नहीं टूट रही।