शिकोहाबाद पुल निर्माण कार्य में प्रयोग की जा रही चंबल सेंट की बालू।
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शिकोहाबाद। स्टेशन रोड स्थित नहर पुल पर लगने वाले जाम से क्षेत्रीय जनता और यात्रियों को मुक्ति दिलाने के लिए शासन द्वारा तीन करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य लगभग 15 दिन से मानकों को ताक पर रख किया जा रहा है। जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
स्टेशन रोड स्थित नहर पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पुल की मजबूती के लिए तीन पिलर बनाए जा रहे हैं। जिन्हें मानकों के अनुसार तीस मीटर जमीन के अंदर फंसाया गया बताया जा रहा है। लेकिन स्थानीय लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न लगा रहे हैं। पुल निर्माण में चंबल सेंट (बालू) भी दोयम दर्जे की प्रयोग की जा रही है। इसके साथ ही सीमेंट और बालू में मिलाने वाली गिट्टी का साइज भी बड़ा बताया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता अजय कुमार ने तीन दिन पूर्व बताया था कि मानक बोर्ड को शीघ्र लगवा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक मानक बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके पीछे ठेकेदार और विभाग की क्या मंशा है? आम जनता की समझ में नहीं आ रही है। किसी भी अधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं की है। कुछ समाज सेवियों ने निर्माण कार्य में मानक बोर्ड न लगाये जाने की शिकायत उप जिलाधिकारी से करने का निर्णय लिया है।