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न भरपूर पानी मिला और न ही गंदगी से मिल सकी निजात

Thu, 02 Mar 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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अधूरा विकास - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आसफाबाद क्षेत्र भी अधूरे विकास की कहानी कह रहा है। पूरे वार्ड में समस्याओं का अंबार है। यहां जनता आज भी कच्ची गलियों में रहने को मजबूर हैं। कई मोहल्लों में तो नाली खड़ंजा तक नहीं बने। हजारों की आबादी को न भरपूर पानी मिला और नहीं गंदगी से निजात मिल सकी।
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शहर का वार्ड नंबर नौ आसफाबाद तीन हिस्सों में बंटा हुआ है। आसफाबाद बिजलीघर के पीछे का हिस्सा वार्ड का आधा हिस्सा तो हाईवे से जुड़ा क्षेत्र, रेलवे लाइन के पीछे का क्षेत्र भी वार्ड से जुड़ा हुआ है। आबादी के हिसाब से यहां जनता को मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हुई। क्षेत्र की जनता ने जिस उम्मीद से अपना जनप्रतिनिधि चुना, वह भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। पालिका बोर्ड के बाद नगर निगम के ढाई साल के कार्यकाल के बाद भी क्षेत्र के हालात नहीं बदलते। यहां अमृती नगर, मोती नगर, ऐलानी नगर, अमृती नगर, हाथी वाली गली क्षेत्रों में आज भी कच्ची गलियां पड़ी हैं, जहां नाली है न खड़ंजा। हजारों की आबादी के ऊपर पानी के लिए मात्र एक टंकी है, जो जनता की प्यास नहीं बुझा पाती। मजबूरी में जनता मोल खरीद कर पानी पीने को विवश है।
बाक्स--
वार्ड की आबादी- 28000
वार्ड में वोटर संख्या-11600

वार्ड में शामिल हैं ये मोहल्ले- आसफाबाद, ऐलानी नगर, राठौर नगर, श्रीनगर, हाथी वाली गली, इमरती नगर, प्रभात नगर, मोती की ठार, ओम नगर, नलकूप कालोनी, मोती नगर, गुरुदेव नगर, नई आबादी क्षेत्र।
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वार्ड में ये हैं प्रमुख समस्याएं
-नगर निगम में आने बाद भी नहीं सुधरी खस्ताहाल सड़कों की हालत
-वार्ड में विद्युत पोल नहीं लगे, दूर से केबल खींच कर लाने को मजबूर हैं लोग
-हजारों की आबादी वाले क्षेत्र में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है
-महीनों से नहीं हुई मुख्य नाले की सफाई, दोनों तरफ से पड़ा है चौक

बोली जनता
-शांतिनगर निवासी संतोष का कहना है कि वर्षों से मुख्य मार्ग खोदा गया है। ठेकेदार ने गिट्टी डालकर छोड़ दिया है। जगह-जगह सड़क खोदी होने से आवागमन में परेशानी होती है। ओमनगर निवासी उत्तम कुमार का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही से वर्षों से कच्ची गलियों में रहने को मजबूर हैं। नगर निगम में जाते हैं तो कोई अधिकारी सुनवाई नहीं करता। राठौर नगर निवासी पंचम सिंह का कहना है कि क्षेत्र में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़कों व नालियों की खुद ही सफाई करनी पड़ती है। क्षेत्रीय सभासद व निगम अधिकारी सुनते नहीं है। मोतीनगर निवासी बंटी का कहना है कि क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या है। ऊंची गलियों में पानी नहीं पहुंचता। मजबूरी में मोल खरीद कर पानी पड़ता है। नगर निगम वाले टैक्स मांगने तो आते हैं, परंतु समस्याएं कोई नहीं सुनता।

सभासद की सुनिए
अपने कार्यकाल में क्षेत्र की 70 प्रतिशत गलियों का निर्माण कराया है। 30 प्रतिशत क्षेत्र अभी कच्चा पड़ा है। क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए डीएम से लेकर नगर निगम अफसरों से शिकायत करते थक चुके हैं। कुछ क्षेत्रों में कार्य के लिए टेंडर भी हुए लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं हो सके। कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था में भी सुधार नहीं हो सका।
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अशोक दिवाकर
निवर्तमान सभासद
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