जमीयत उलमा-ए-हिंद ने फ्रांस के शहर पेरिस में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। हमले की निंदा कर आतंकवाद को फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने इस्राइली प्रधानमंत्री के भारत दौरे का भी विरोध दर्ज कराते हुए डीएम को राष्ट्रपति के साथ ही फ्रांस, तुर्की व लेबनान के दूतावास को संबोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा।
जमीयत उलमा जिला फीरोजाबाद के सरपरस्त मौलाना सफी कासमी ने कहा आतंकवाद मानवता विरोधी घृणित एवं नापाक कार्य है। चाहे वह किसी भी देश, स्थान पर घटित हो। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। मौलाना इश्तियाक मजाहिरी ने कहा कि कुरान-ए-मजीद में किसी एक भी बेगुनाह का कत्ल का मतलब है कि आलम-ए-इंसानियत का कत्ल करना है। मौलाना राशिद इकबाल ने कहा कि पेरिस व तुर्की में घटी हाल की घटना, प्रायोजित हर प्रकार के आतंकवाद के विरोध में भी जमीयत उलमा सबसे आगे है। मुफ्ती मुहम्मद कासिम रजी ने कहा सभी धर्मों के बुद्धजीवियों को आतंकवाद का विरोध करना चाहिए। मुफ्ती हुजैफा नौमानी ने कहा कि इस प्रकार के कृत्य को इस्लाम या अन्य किसी धर्म से जोड़ना या देखना गलत है। मौलाना इलियास मजाहिरी ने कहा कि मासूम व बेगुनाहों का खून बहाना इस्लाम विरोधी है व इंसानियत का कत्ल है। मौलाना अब्दुल रहमान, मौलाना अब्दुल हलीम, मौलाना हनीफ, मौलाना अंमार, मौलाना अजमल, इलियास बदरी, अब्दुल रउफ, मुजीबुल हक, हाफिज शाहिद, हाफिज मुईन, हाफिज शकील,अब्दुल नासिर,हाफिज कासिम, हाफिज जुबैर भी शामिल थे।