निंदा सुनकर कमियों को दूर करने का प्रयास करने वाले ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। यह बात नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर आयोजित पंच कल्याणक महोत्सत्व में जैन मुनि शिवानंद महाराज ने प्रवचन में कही।
उन्होंने कहा कि निंदा से कभी घबराना नहीं चाहिए। निंदा पर विजय पाने वाला न सिर्फ खुद की अपितु समूचे समाज को भी तरक्की के मार्ग पर ले जाने का काम करता है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत में कौरवों की ओर से मामा शकुनि ने दुर्योधन को हतोत्साहित कर दिया। इसकी वजह से इतनी बड़ी सेना होने के बाद भी वह हार गया। वहीं भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों की निंदा करने के साथ ही उन्हें सही मार्ग भी दिखाया। इस कारण उन्होंने विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि निंदा करने वाला व्यक्ति कुछ समय के लिए बुरा जरूर लगता है लेकिन उसकी निंदा से प्राप्त ज्ञान से व्यक्तित्व में निखार आता है। इससे पूर्व पार्श्वनथ दिगंबर जैन मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया।