मोहल्ला शंभ्ूानगर में शुक्रवार सुबह एक युवती ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर जान दे दी। युवती और उसकी छोटी बहन के बीच आपस में कहासुनी हो हो गई थी, इसमें मां ने छोटी बहन का पक्ष लिया। इसी मामूली सी बात से क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली।
युवती अनामिका गुप्ता (28) एके महाविद्यालय में बीएड विभाग के प्रोफेसर डाक्टर प्रदीप कुमार की पुत्री थी और वह नेट की तैयारी कर रही थी। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे उसकी अपनी छोटी बहन दीपशिखा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। मां के छोटी बहन का पक्ष लेने से नाराज अनामिका ने बेडरूम में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और अलमारी में रखी पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर को अपनी कनपटी पर सटाकर गोली चला दी। गोली चलते ही मां व बहन ने दरवाजा खेलने का प्रयास किया, असफल होने पर दीपशिखा ने बाहर जाकर शोर मचाया आसपास के लोगों ने हथौड़े से दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। खून से लथपथ अनामिका को राजकीय अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडेय, सीओ श्यामकांत अस्पताल पहुंच गए।
युवती ने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया
शंभूनगर में ही सुबह 9 बजे छात्रा पूनम (18) पुत्री स्व. धर्मेंद्र ने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। उसे गंभीर हालत में फीरोजाबाद के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
घटना के वक्त पूनम घर अपने छोटे भाई आदित्य के साथ अकेली थी। वह कक्षा 11 की छात्रा है। एक दिन पहले उसकी मां ममता गांव वीरई में किसी परिवारीजन की मौत होने पर गई थीं। शुक्रवार सुबह पूनम मकान की गैलरी में बैठी थी और छोटा भाई सीढ़ियों पर बैठकर मोबाइल पर गेम खेल रहा था। अचानक पूनम ने कुर्सी पर चढ़कर दुपट्टे से कमरे के दरवाजे के ऊपर बने वेंटीलेटर में फंदा लगाया और गले में डालकर लटक गई। गला घुटने पर उसके मुंह से निकली आवाज सुनकर भाई आदित्य दौड़ा। बहन को फंदे पर लटका देख वह रोता हुआ पड़ोसी के घर पहुंचा। पड़ोसी ने पूनम को फंदे से उतारा। उस समय उसकी सांस चल रही थी। उसे आनन-फानन में राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे आक्सीजन लगाई गई और एंबुलेंस से फीरोजाबाद ले जाकर ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।