टूंडला तहसील में मां-बेटे ने मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। अधिवक्ताओं ने उसे रोक लिया। पीड़िता ने बताया कि लोन की वसूली के बाद भी उसे रसीद नहीं दी गई। तहसील की टीम पति को भी घर से उठा लाई।
फिरोजाबाद की टूंडला तहसील में बृहस्पतिबार सुबह मां-बेटे ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद वकीलों और अन्य ने किसी तरह से बचाया। अमीन द्वारा लोन की किस्त लेकर रसीद न मिलने और बकाया की वसूली के लिए पति को पकड़कर तहसील ले आने पर महिला ने यह कदम उठाया।
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थाना क्षेत्र के गांव रूधऊ मुस्तकिल निवासी एक व्यक्ति पर सरकारी लोन था। जिसकी रिकवरी निकलने पर उसने अमीन को कुछ पार्ट पेमेंट कर दिया था। आरोप है कि अमीन ने उनसे ली धनराशि की रसीद नहीं दी। इतना ही नहीं रिकवरी के लिए टीम गांव पहुंच गई और उसे पकड़कर तहसील ले आई थी। पत्नी शिवदेवी अपने पुत्र प्रताप के साथ सुबह 11 बजे तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंच गई।
एसडीएम व अन्य किसी सक्षम अधिकारी के न मिलने पर महिला ने अपने व पुत्र के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया। वो माचिस से आग लगाने का प्रयास करने लगी, तभी अधिवक्ताओं ने उससे माचिस छीन ली। घटना की जानकारी मिलते ही तहसील में अफरा-तफारी मच गई। एसडीएम अनुराधा सिंह और तहसीलदार राखी शर्मा मौके पहुंच गईं। इस बीच लोगों ने मां-बेटे को एक कमरे में बंद कर दिया। एसडीएम का कहना है कि सरकारी लोन कि रिकवरी निकलने पर राजस्व टीम गांव गई थी। उसके बाद क्या हुआ उसकी जानकारी की जा रही है।