गांव पीपरिया में वायरल ने 20 से ज्यादा बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया है। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार से पीड़ित बच्चों को लेकर परिवारीजन चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे हैं। घर-घर चारपाईयां बिछी हुई हैं।
यमुना तलहटी के गांव पीपरिया में कई दिन से वायरल का प्रकोप बना हुआ है। बच्चों को तेज बुखार के साथ उल्टी, दस्त, जुकाम, खांसी है। बुखार की चपेट में विकास, आजाद, अर्चना, दीपक, रवीता, कुसमा, श्रीकांत, पुष्पेंद्र, लवकुश, सूरज, ब्रजेश कुमार, मायावती, बवीता, नीलेश, नैनोदेवी, धर्मेंद्र कुमार, जितेंद्र व राजवीर सिंह हैं। वायरल का आलम यह है कि एक सदस्य ठीक नहीं हो पाता कि दूसरा उसकी चपेट में आ जाता है। एक ही परिवार के दो से चार सदस्य बीमार पड़े हुए हैं। इलाज के लिए मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे हैं। ग्रामीण स्वाइन फ्लू को लेकर भी चिंतित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन से अवगत कराया है, लेकिन चिकित्सक गांव में नहीं पहुंचे। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
लोग इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें। आती व जाती हुई ठंड हमेशा नुकसान दायक होती है। इससे जुकाम, खांसी, बुखार होना आम बात है। मरीजों को किसी झोलाछाप के चक्कर में न फंसकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचना चाहिए। जहां मरीजों के इलाज की हर प्रकार की सुविधा है। टूंडला क्षेत्र में स्वाइन फ्लू जैसी कोई चीज नहीं है।
डा. संजीव वर्मा, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, टूंडला
फोटो-टूंडला के गांव पीपरिया में पीड़ित बच्चे-1