फीरोजाबाद। मां की आराधना के महापर्व में महासंयोग होगा। इस बार के शारदीय नवरात्र 10 दिवसीय होंगे। 15 साल बाद इस तरह का संयोग बना है। आगामी 13 अक्तूबर से 22 अक्तूबर तक नवरात्र उत्सव मनाया जाएगा। 15 साल बाद नवरात्र में चित्रा नक्षत्र वैद्यृति योग बन रहा है। इसके प्रभाव से नवरात्र में की जाने वाली देवी आराधना, उपासना धन, ऐश्वर्य और लक्ष्मी की वृद्धि कराएगी। नवरात्र के लिए विशेष महालक्ष्मी के रूप में पूजन करें। देवी के लक्ष्मी स्वरूप की आराधना विशेष शुभफल देगा। पं. भार्गव के अनुसार पूजन व घट स्थापना अभिजित मुहूर्त में ही करें। चित्रा नक्षत्र वैद्यृति योग की युति होने से घट स्थापना अभिजित मुहूर्त में विशेष फलदायक होगी। इस बार शाम के वक्त या रात को घट स्थापना नहीं हो सकेगी, सिर्फ दिन में ही मां दुर्गा की घट स्थापना की जा सकेगी।
पंडित मुन्नालाल शास्त्री ने बताया कि शारदीय नवरात्रि इस बार नौ के बजाय 10 दिन की होंगे। एक दिन ज्यादा होने से भक्त नवदुर्गा के साथ 10 महाविद्या की साधना भी कर सकेंगे। 13 अक्तूबर को घट स्थापना के साथ नवरात्रि प्रारंभ होगी और समापन 22 अक्तूबर को होगा। प्रतिपदा तिथि दो दिन रहेगी। नवमी दशहरा एक ही दिन होगा। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय के अनुसार घट स्थापना वाले दिन चित्रा नक्षत्र वैधृति योग है। चित्रा नक्षत्र दूसरे दिन सुबह 4.37 बजे तक वैधृति योग रात 11.16 बजे तक रहेगा। चित्रा नक्षत्र वैधृति योग होने पर मध्याह्न में श्रेष्ठ मुहूर्त में घट स्थापना करनी चाहिए। चित्रा नक्षत्र वैधृति के विशेष योग में घट स्थापना के विशेष योग बने हैं, जो सुख समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि करेंगे।
यह रहेगा घट स्थापना मुहूर्त
पंडित आनंद शर्मा ने बताया कि अभिजित मुहूर्त 13 अक्तूबर को दोपहर 12.01 से 12.47 तक विशेष फल देने वाली होगा। जबकि शुभ, मध्यम अमृत, लाभ बेला दोपहर 12.47 से 1.40 तक और मध्यम मकर लग्न में दोपहर 1.10 से 2.57 तक शुभ फल की प्राप्ति करानेे वाले मुहूर्त रहेंगे।
तिथियों का संयोग
पंडित विजय गोपाल शास्त्री की माने तो नवरात्रि में इस बार तिथियों का भी अलग ही संयोग है। पहले दिन प्रतिपदा अहोरात्र रहेगी। 14 अक्तूबर को प्रतिपदा सुबह 8.01 बजे तक रहेगी। सभी तिथियां दोपहर तक ही रहेंगी। इसके बाद तिथि बदल जाएगी। द्वितीया सुबह 10.11 बजे, तृतीया दोपहर 12 बजे, चतुर्थी दोपहर 1.23 बजे, पंचमी 2.17 बजे, षष्ठी 2.38 बजे, सप्तमी 2.22 बजे, अष्टमी 1.29 बजे तक रहेगी। इसी प्रकार नवमी सुबह 11.58 बजे तक रहेगी, उसके बाद दशमी लग जाएगी।
मंदिरों में हो रही तैयारियां
नवरात्र महोत्सव आरंभ होने में भले ही अभी दो दिन का समय शेेष है लेकिन अभी से ही झांकी समितियों के कार्यकर्ता मां दुर्गा की प्रतिमाओं को ले जाने लगे हैं। लोग देवी प्रतिमा को ले जा रहे हैं। शहर के मां वैष्णोदेवी व राज राजेश्वरी कैला देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वैष्णोदेवी धाम पर नव दुर्गा महोत्सव की तैयारियां होती रहीं। मंदिर के संस्थापक सुरेश कन्हैयानी ने बताया कि 13 अक्तूबर से प्रतिदिन हवन पूजन का आयोजन होगा। 22 को पूर्ण आहुति के साथ संपन्न होगा। सुबह चार बजे से पिंडी दर्शन शुरू होंगे। सुबह पांच से छह बजे तक मैया स्नान, श्रंगार, सुबह सात से आठ बजे तक मैया आरती, दोपहर एक बजे से दो बजे तक विश्राम, सायं को छह जे से सायं सात बजे तक आरती होगी। उन्होंने बताया कि मंदिर को सप्तरंगी लाइटों से सजाया गया है।