फिरोजाबाद। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा) के तहत श्रमिकों को वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में ब्लॉक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। इससे नाराज सीडीओ ने जसराना और एका ब्लॉक क्षेत्र की 77 ग्राम पंचायतों के सचिवों क ा फरवरी माह का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं।
मनरेगा योजनांतर्गत जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को वर्ष में कम से कम 100 दिन का रोजगार देने के आदेश हैं। शासन के निर्देशों के बाद भी ब्लॉक और पंचायत स्तरीय अधिकारी मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में लापरवाही बरत रहे हैं। समीक्षा बैठक के दौरान जसराना ब्लॉक क्षेत्र की 33 ग्राम पंचायतों में 562 मनरेगा श्रमिकों और उनके परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी चर्चित गौड ने नाराजगी जताई है। सीडीओ ने संबंधित पंचायतों में तैनात सचिवों के फरवरी माह का वेतन रोकने के आदेश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए हैं। सभी को तीन दिन की अवधि में 100 दिन का रोजगार दिलाने संबंधी लक्ष्य पूर्ति के निर्देश हैं।
एका में 44 पंचायतों में तैनात सचिवों पर भी कार्रवाई
सीडीओ की समीक्षा के दौरान ब्लॉक क्षेत्र की 44 ग्राम पंचायतों में भी मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराने की बात सामने आयी है। सीडीओ ने इन पंचायतों में तैनात सचिवों का भी माह फरवरी का वेतन रोके जाने के निर्देश जारी किए हैं।