हजरत फिरोजशाह मकबरा के पास मीट बिक्री के विरोध में मंगलामुखियों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंच कर मामले का शांत कराया। दोनों पक्षों को कागजात लेकर थाने बुलाया गया। नगर निगम गेट के ठीक सामने हजरत फिरोजशाह का मकबरा है। इसके आसपास नजूल की जमीन है।
इसके एक हिस्से पर युवक वर्षों से मीट की बिक्री करता है। दोपहर को यहां कई मंगलामुखी पहुंच गए हैं। मीट बिक्री का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मंगलामुखी प्रेमा का कहना था कि हमारे बुजुर्गों की जमीन है। इस पर मांस की ब्रिकी नहीं होने देंगे। साथ ही उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दिया। वहां रखे पिंजरे व अन्य सामान की तोड़फोड़ की।
इससे मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे मंगलामुखियों से विरोध का कारण पूछा तो प्रेमा, प्रीती व अंजली ने बताया कि यह हमारे बुजुर्गों की जमीन है। यहां मांस नहीं बिकने देंगे। पुलिस ने जमीन के संबंध में कागजात मांगे तो प्रेमा ने जमीन से संबंधित कुछ कागजात भी दिखाये।
वहीं मीट विक्रेता इमरान का कहना था कि 22 साल से नजूल की जमीन पर दुकान कर रहे हैं। इसका किरायानामा भी है। जमीन का कोर्ट में केस चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों को कागज लेकर थाने आने का निर्देश दिया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
बंद होने के बाद फिर कैसे खुली दुकान ?
थाना उत्तर में आयोजित समाधान दिवस में डीएम नेहा शर्मा से मकबरा के बगल में मीट की दुकान संचालित होने के संबंध में शिकायत की गई थी। डीएम ने तहसील की टीम भेजकर तत्काल मीट की दुकान बंद करा दी थी।