शिकोहाबाद। संयुक्त चिकित्सालय में उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। नगला सैंदलाल निवासी संकेत (42) पुत्र भजनलाल पत्नी बालश्री के साथ संयुक्त चिकित्सालय में दिखाने आया था।
इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने मरीज को एक इंजेक्शन लगाया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद हालत और बिगड़ गई। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ उसे रेफर करता, तब तक युवक ने दम तोड़ दिया। इसके बाद इमरजेंसी में तैनात स्टाफ की हाथपांव फूल गए।
जानकारी लगते ही अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर थाना पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों को समझा कर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने व तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
संकेत पर तीन बेटी और एक बेटा है। चारों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। अस्पताल में पति के शव पर विलाप करते पत्नी और बच्चों को देख हर कोई द्रवित हो गया।
एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात की मौत पर हंगामा
फिरोजाबाद। एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती नवजात की रविवार रात मौत होने के बाद परिजनों ने हंगामा किया। शव के साथ परिजनों को एंबुलेंस से घर भेज दिया। थाना लाइनपार के आजादनगर निवासी रामकुमार पुत्र मंगल सिंह की पत्नी ने दो दिन पूर्व घर पर बच्चे को जन्म दिया था। अगले ही दिन नवजात की तबियत बिगड़ गई थी।
रविवार को उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। रात 11 बजे हालत और बिगड़ गई। चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। परिजनों को पता चला तो हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल चौकी पुलिस और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता, जेआर डॉ. अमन पहुंच गए।
रामकुमार का आरोप था कि उपचार में लापरवाही बरतने से नवजात की मौत हुई है। एक घंटे बाद परिजन शव ले जाने को तैयार हुए। एसएनसीयू के प्रभारी डॉ. एलके गुप्ता का कहना है कि नवजात का ऑक्सीजन स्तर पहले से काफी कम था। जन्म लेने के बाद काफी देर तक नहीं रोया था। गंभीरावस्था में यहां लाया गया था। उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। संवाद