काम की तलाश में रामलीला चौराहे पर एकत्रित होने लगे श्रमिक
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फिरोजाबाद। बाजार एवं मंदिरों के खुलने के साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों पर श्रमिक मंडियां भी सजने लगीं। काम की तलाश में श्रमिक चौराहों पर सक्रिय नजर आए। कोई बेलदारी तो कोई राजमिस्त्री के काम की तलाश में निकला था। वही चूड़ी गोदामों में काम करने वाले श्रमिक छोटे चौराहे पर सक्रिय थे। सुहागनगरी में धीरे-धीरे जिंदगी रफ्तार पकड़ रही है। सोमवार को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए धार्मिक स्थल खुलना शुरू हो गए। प्रमुख मंदिरों को सामाजिक दूरी बनाते हुए दर्शन करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई।
वहीं बाजारों में श्रमिक मंडियां भी सजने लगीं। शहर के रामलीला चौराहे पर सोमवार को बेलदार और राजमिस्त्री नजर आए। हालांकि यहां श्रमिकों को काम पर ले जाने वाले लोग काफी कम नजर आए। श्रमिक कई घंटे तक काम के लिए इंतजार करने के बाद मायूस होकर घर लौटे। श्रमिकों का कहना था कि घर पर आटा, दाल, चावल खत्म हो गए है। ऐसे में काम की तलाश में आए हैं। इसी तरह की स्थिति शहर के छोटे चौराहा स्थित श्रमिक मंडी में चूड़ी गोदामों में काम करने वाले श्रमिक काम की तलाश में पहुंचे। हालांकि इन्हें भी मायूस होकर लौटना पड़ा।