फोटो 31 गांव चांदपुर में बालिकाओं को वॉलीबॉल खेल की बारीकियां सिखाते कोच असलम खान। संवाद
मैनपुरी। मैदान पर कड़ी मेहनत के दम पर वालीबॉल खिलाड़ी कोर्ट में अपनी प्रतिभा का दम दिखा रहे हैं। उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए कोच असलम खान गांव में निशुल्क प्रशिक्षण केंद्र चला रहे हैं। कोच ने जो सपना देखा था उसे बालिकाएं मंडल और प्रदेश स्तर पर पूरा करने का काम कर रही हैं।
विकास खंड मैनपुरी के गांव चांदपुर में कोच असलम खान के तराशे खिलाड़ी अपनी चमक बिखेर रहे हैं। उनके इस प्रयास का नतीजा है कि गांव के लगभग हर घर में वालीबॉल खिलाड़ी हैं, यहां के लोगों में इसके प्रति अलग ही जुनून देखने को मिलता है। असलम ने अपने खिलाड़ी पिता औशाफ नवी से मिली प्रेरणा के बाद वालीबॉल खेलना शुरू किया। उन्होंने वालीबॉल में अपने गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देखा। लेकिन यह सपना सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा। बल्कि गांव के हर बालक-बालिका को वालीबॉल खिलाड़ी बनाने का मन मनाया।
वह पिछले चार साल से बालक-बालिकाओं को वालीबॉल का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। अब तक करीब 40 बालिकाएं उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं, वर्तमान में उनके केंद्र पर 15 से 20 बालिकाएं वालीबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं। कई खिलाड़ियों ने जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खिलाड़ी करीना, आरती, समीक्षा और एकता ने 10 से अधिक बार मंडलीय और तीन बार प्रदेशीय टीम में जगह बनाई है। करीना नेशनल प्रतियोगिता के लिए भी चयनित हो चुकी हैं।
खेल के मैदान पर असलम खान के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। वर्ष 2023-24 में वालीबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में असलम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। मंडल और प्रदेश स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन कर पदक जीते हैं। असलम का कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान न देकर नए खिलाड़ियों की कौशल को निखारने पर अधिक ध्यान दिया है। संवाद