सिपाही जैसी ड्यूटी और बेलदार बराबर मानदेय से आक्रोशित होमगार्ड्स ने आरपार की जंग छेड़ दी है। कम मानदेय मिलने के खिलाफ सोमवार को ये सात दिवसीय हड़ताल पर चले गए। चेताया की मांग पूरी नहीं हुई, तो इसके बाद लखनऊ में प्रदर्शन होगा।
उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स अवैतनिक अधिकारी और कर्मचारी एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर जिलेभर के होमगार्ड्स ने एक से सात अगस्त तक कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इस दौरान सोमवार को जिलाध्यक्ष शौकीलाल सेंगर के नेतृत्व में सभी हड़ताली होमगार्ड्स जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए। उपाध्यक्ष रामनरेश यादव ने कहा कि लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान होमगार्ड्स मंत्री ने आश्वासन दिया था कि 20 जून तक सभी मांगें पूरी कर दी जाएंगी, लेकिन अब तक एक भी मांगें पूरी नहीं की गई। एसोसिएशन ने शत प्रतिशत ड्यूटी देने, पेंशन के रूप में कम से कम 20 लाख रुपया एकमुश्त और मौत पर आश्रित परिवार को 20 लाख की आर्थिक मदद की मांग की।
इनसेट
थाने,चौराहे रहे खाली,नहीं लगी पिकेट
होमगार्ड्स के कार्य बहिष्कार का असर थाने से लेकर चौराहे तक दिखा। चौराहों पर दिन में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाले होमगार्ड्स नदारद थे। वहीं शाम को थानों से निकलने वाली पिकेट भी नहीं निकाली जा सकी। अधिकारियों के आवासों पर तैनात रहने वाले होमगार्ड भी नदारद दिखे।