दीपावली पर आतिशबाजी बाजार में रौनक है। शहर में लाखों रुपये की आतिशबाजी छोड़ी जाएगी। यह पटाखे प्रदूषण को तो नुकसान पहुंचाएंगे ही आपको बीमार भी कर सकते हैं। डाक्टर तेज आवाज और धुंआ वाले पटाखों से तौबा करने की सलाह दे रहे हैं।
क्या कहते हैं चिकित्सक
पटाखे प्रदूषण के साथ मर्ज बढ़ाते हैं। पटाखों की तेज आवाज से ब्लड़ प्रेशर की बीमारी हो जाती है। वहीं, पटाखों का धुआ श्वांस के साथ अंदर जाता है। जिससे दमा, टीवी, घबराहट एवं हृदय संबंधी रोग हो जाते हैं। नो पोल्यूशन पटाखे चलाएं।
डॉ आरके पांडे,
हृदय रोग विशेषज्ञ
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सामान्य व्यक्ति के लिए 30-60 डेसिबल आवाज सामान्य रहती है। वहीं, पटाखों की आजावा इससे कई गुना होती है। जो कान के परदों को भी फाड सकती है। पटाखों का धुंआ बच्चों के लिए भी बहुत हानिकारक है। आंख से संबंधित बीमारियां हो जाती है।
डॉ राजीव अग्रवाल
फीजिशियन
बरतें सावधानियां
- ब्रांडेड कंपनियों एवं कम आवाज के पटाखे चलाएं
- ढीले कपड़े पहनकर पटाखे नहीं चलाएं
- पटाखे चलाने वाले स्थान पर पानी भर रख लें।
- कागज पर रखकर ही पटाखे चलाएं।
- बड़ों की देखरेख में बच्चों को पटाखे चलाने दें
- पटाखे से शरीर कहीं जल जाए तो जल से धोकर एसओएस क्रीम लगाएं