फिरोजाबाद। सुहागनगर निवासी निर्यातक और उनकी पुत्री को कोरोना की जांच के लिए बृहस्पतिवार देर रात लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया। निर्यातक के मुताबिक पीजीआई में जांच में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, परिवार के अन्य पांच सदस्यों को क्वारंटाइन टूंडला के एफएच मेडिकल कॉलेज में किया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कुछ भी कहने से बचता रहा।
सुहागनगर सेक्टर एक निवासी निर्यातक ने बताया कि हैदराबाद में पढ़ाई कर रही बेटी 19 मार्च को वापस लौटी थी। बेटी ने नीबू पानी पी लिया, इसलिए छाती में दर्द महसूस होने लगा। निर्यातक ने भी स्वयं छाती में दर्द की समस्या बताई। कांच सामान निर्यातक मेडिकल कॉलेज में अपनी बेटी को दिखाने गए। उन्होंने जांच के लिए चिकित्सक को कहा। ऐसे में चिकित्सक ने पुत्री और उनको कोरोना वार्ड में भर्ती कर दिया।
रात में एंबुलेंस से लखनऊ पीजीआई को रेफर कर दिया। निर्यातक ने बताया कि पीजीआई में लक्षण पूछते ही कोरोना होने से साफ इंकार कर दिया और वापस जाने को कहा। लॉकडाउन के चलते वाहन नहीं मिले, इसलिए एंबुलेंस को फिरोजाबाद से बुलाया गया। वहीं, शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग निर्यातक की पत्नी, पुत्र, पुत्री सहित पांच लोगों को घर पर ही क्वारंटाइन करके आया था।
शनिवार को सुबह 10 बजे निर्यातक के परिवार एफएच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस भेज दी। जब परिवार ने इंकार कर दिया तो पुलिस भेजी गई। एंबुलेंस से पूरे परिवार को एफएच मेडिकल कॉलेज में भेजा गया गया।
परिवार के सदस्यों को किया अलग-अलग
एफएच मेडिकल कॉलेज में निर्यातक के पांच परिवार को क्वारंटाइन किया है। उनको अलग-अलग कमरों में शिफ्ट कर दिया है। निर्यातक ने बताया कि हमने एसीएमओ डा. प्रताप सिंह से दो कमरों में शिफ्ट कराने के लिए कहा है। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि निर्यातक और पुत्री को मेडिकल कॉलेज में आइसुलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। जांच रिपोर्ट अभी आई नहीं है।
घर से ले आए, दो घंटे खड़ा रखा संदिग्ध
फिरोजाबाद। आगरा में दोस्त में कोरोना की पुष्टि आने पर जागरूक हुए एक व्यक्ति ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम संदिग्धता मानते हुए युवक को मेडिकल कॉलेज एंबुलेंस से ले आई। लेकिन वह दो घटें तक बाहर खड़े रखा। युवक ने बताया कि डायलिसिस के पास दो घंटे से खड़े हैं। कोई भी चिकित्सक नहीं आया है।