टूंडला। कोरोना के कहर पर आस्था भारी पड़ रही है। करौली माता के दर्शन को जाने वाले भक्त रोके नहीं रुक रहे हैं। जबकि करौली ट्रस्ट के अध्यक्ष ने मंदिर के दर्शन 31 मार्च तक बंद रहने की बात कही है। भक्तों को रास्ते से भी लौटाया जा रहा है। बावजूद इसके वे नहीं मान रहे हैं।
कोरोना कहर को लेकर सभी पर्यटन स्थलों के साथ धार्मिक स्थलों को दर्शनों के लिए बंद कर दिया है। करौली जाने वाले पैदल यात्रियों के जत्थे के जत्थे दिन और रात हाईवे पर निकलते हुए देखे जा सकते हैं। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और युवतियां कोई भी कोरोना के कहर से नहीं डर रहा। यहां
तक कि काफी संख्या में विकलांग भी माता के दर्शनों के लिए अपनी व्हीलचेयर से जा रहे हैं। इनके साथ उनको ले जाने वाले परिजन भी चल रहे हैं। यही हाल घाटा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर जाने वाले भक्तों का है। यहां भी मंदिर ट्रस्ट द्वारा 31 मार्च तक के लिए बंद दर्शनों के लिए बंद कर दिया गया है।
परंतु भक्तों की भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट को झुकना पड़ गया और दर्शन रोकते हुए प्रतिदिन मंगला आरती से लेकर शाम की आरती प्रारंभ कर दी गई। भक्तों की कोई कमी नहीं हो रही है। बालाजी जाने वाले भक्त भी दर्शन के लिए जा रहे हैं।