फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। शिकोहाबाद के निजी कॉलेज के शिक्षक को सर्दी, जुकाम व बुखार होने के कारण परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया। शिक्षक को मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के लिए स्टाफ ने गेट नहीं खोला तो विवाद हो गया।
अमेठी जिले के निवासी एक शिक्षक शिकोहाबाद के निजी कॉलेज में पढ़ाते हैं। पिछले दिनों वह चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों का भ्रमण करके वापस लौटे हैं। वह सर्दी जुकाम, बुखार से पीड़ित हैं। कोरोना की आशंका पर उन्होंने जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। शाम को टीम उनके आवास पर पहुंची और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया गया।
स्वास्थ्यकर्मी उन्हेें आइसोलेशन वार्ड में लेकर पहुंचे तो वार्ड के स्टाफ ने गेट खोलने से मना कर दिया। इससे विवाद की स्थिति बन गई। एबुलेंस चालक सुधीर ने सीएमओ डॉ. एसके दीक्षित से बात की। सीएमओ के आदेश के बाद शिक्षक को वार्ड में भर्ती किया गया। एबुलेंस चालक का कहना है कि शिकोहाबाद से मरीज को लाने के दौरान न तो एबुलेंस में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लिक्विड दिया और न ही मॉस्क दिए।
संदिग्ध को कोरोना की पुष्टि नहीं
शनिवार को कोरोना पीड़ित होने की आशंका पर भर्ती कराए गए रिटायर्ड बैंक मैनेजर की जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रविवार की शाम को मिल गई है। जांच रिपोर्ट में बैंक अधिकारी को कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।
बंदी मॉस्क बनाने में जुटे
जेल अधीक्षक मोहम्मद अकरम खान ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाने के लिए जेल में बंदियों द्वारा 15 सिलाई मशीनों पर मॉस्क तैयार कराए जा रहे हैं। काफी कम कीमत से मिलने वाले मॉस्क गुणवत्तायुक्त होंगे। जेल में यदि कोरोना से प्रभावित बंदी आता है उसके लिए अलग कक्ष रिजर्व किया है।