फिरोजाबाद। शनिवार रात को बारिश के साथ जमकर बरसे ओलों ने आलू और गेहूं की फसल बरबाद कर दी है। गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है और खेतों में पड़ा आलू पानी में डूबने से सड़ गया है। गरजते बादलों ने रात भर किसानों को सोने नहीं दिया। पौ फटते ही किसान खेतों पर पहुंचे तो ओलों की सफेद चादर बिछी देख रो पड़े।
प्रशासन के प्रारंभिक आकलन में 30 से 40 प्रतिशत तक फसलों में नुकसान हुआ है। गोंछ के किसानों ने सुबह मार्ग पर जाम लगा दिया और मुआवजे की मांग की। डीएम ने सुबह से ही टीमों को क्षेत्रों में दौड़ा दिया। कृषि विभाग और राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं।
ओलावृष्टि से किसान बरबादी के कगार पर जा पहुुंचा है। नुकसान की भरपाई के लिए किसान सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। सर्वाधिक नुकसान उन किसानों को हुआ है, जिन्होंने बटाई पर खेत लेकर फसल की थी। रविवार को सुबह ग्रामीणों ने गौंछ पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर राजेश कुमार ने किसानों से बात की और उनकी समस्या सुनी।
समाधान का अश्वासन देकर एसडीएम ने जाम तो खुलवा दिया, लेकिन किसानों से कहा कि यदि आप लोगों के बीच खेत मालिक से कोई अनुबंध हुआ हो तो उसकी जानकारी जरूर दें। ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके।
ओलावृष्टि और बरसात से 35 से 40 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। जिन किसानों ने बटाई पर खेत लेकर फसल की है। उन किसानों द्वारा जाम लगाया गया था। उनको समझा दिया है। उनकी समस्या से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जिससे उन किसानों को भी नुकसान का मुआवजा मिल सके।
राजेश कुमार वर्मा - एसडीएम सदर
बारिश के दौरान टूटा पोल
शनिवार रात बारिश के दौरान कोटला रोड स्थित संत परम दयाल स्कूल के समीप पोल टूट गया। इसे ठीक करने के लिए दोपहर तक विद्युत विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी।
पशुओं के सामने चारे का संकट
ओलावृष्टि और बरसात से खेतों में खड़ी चरी भी पूरी तरह से नष्ट हो गई। खेतों में पानी भरा होने के साथ ही ओले भी सुबह तक जमे रहे। इसे लेकर किसानों के सामने पशुओं को हरा चारा खिलाने की भी दिक्कत खड़ी हो गई है।