जिला योजना समिति की बैठक में भले ही विकास कराने को ढाई अरब से अधिक की योजनाओं को हरी झंडी प्रदान की गई हो लेकिन जब धनराशि के आवंटन की बारी आई तो यह महज 78.30 करोड़ रुपये ही विभागों को मिल सके। कई विभाग तो खाली हाथ रहे।
जिले के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, जिला पंचायत के अध्यक्ष, सांसद, विधायक, एमएलसी के साथ ब्लाक प्रमुखों की मौजूदगी में प्रभारी मंत्री जिला योजना के लिए तैयार होने वाले बजट पर मंथन करते हैं। किस विभाग को अब कितना बजट आवंटित होगा इसके लिए हर विभाग के साथ शासन स्तर पर चर्चा होती है। जब बजट आवंटन की बारी आती है तो जिला योजना को जितना महत्व मिलना चाहिए शायद उतना नहीं मिलता। बीते पांच वर्षों में तैयार जिला योजना के शासन को भेजे प्रस्ताव व बजट के आवंटन पर नजर डालें तो हालत काफी खराब दिखाई देती है। 2012-13 में 116.82 करोड़ के सापेक्ष मात्र 22.06 करोड़ बजट मिला। 2013-14 में 116.82 करोड़ की जिला योजना तैयार की गई। धनावंटन की बारी आई तो आंकड़ा कुछ बढ़ा और 32.35 करोड़ तक पहुंचे। 2014-15 की जिला योजना भी 116.82 करोड़ की तैयार हुई लेकिन बजट के आवंटन की स्थिति इस वित्तीय वर्ष में खराब ही रही। मात्र छह करोड़ 30 लाख रुपया आवंटित हो सका। शासन ने पिछले वर्ष जिला योजना के दोगुना से अधिक बजट ही बढ़ा दिया। पिछले वर्ष 2015-16 में 266.33 करोड़ की जिला योजना शासन को भेजी गई। लक्ष्य बढ़ा तो बजट के आवंटन में थोड़ी तेजी आई और यह आंकड़ा 78.30 करोड़ तक पहुंचा। वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रशासन एवं जिला पंचायत ने 267.16 करोड़ की जिला योजना को हरी झंडी प्रदान कर दी। देखना यह है कि नई जिला योजना को शासन कितनी तवज्जो देता है।
वर्षवार जिला योजना के प्रस्ताव व धनावंटन
वर्ष धन के प्रस्ताव धन का आवंटन
2012-13 11682 लाख 2206 लाख
2013-14 11682 लाख 3235 लाख
2014-15 11682 लाख 630 लाख
2015-16 26633 लाख 7830 लाख
2016-17 26716 लाख प्रतीक्षा में ....
जिला योजना में जिले के विकास का खाका विभागीय अफसर खींचते हैं। अत्यधिक धन हासिल करने का हमारा प्रयास रहा है। यही कारण रहा कि पिछले पांच वर्षों की तुलना में गतवर्ष अभी तक 78.30 करोड़ रुपया आवंटित हुआ है। 31 मार्च तक कुछ और धन मिलने की उम्मीद है।
सुजीत कुमार, सीडीओ फीरोजाबाद।