मां शीतला के पूजन (बासौड़ा पूजन) को महिलाओं की भीड़ उमड़ी। शीतला मंदिरों के बाहर महिलाएं टोलियोें के रूप में पहुंची। गर्मी के मौसम में बच्चों को कोई बीमारी नहीं लगे इसके लिए महंतों द्वारा जल का छिड़काव किया जा रहा था। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स तैनात रहा।
होली के बाद पंचमी को मां शीतला माता का पूजन घर-घर में किया जाता है। इसकी तैयारियां महिलाओं के द्वारा एक दिन पूर्व कर ली जाती है। महिलाएं घरों पर पकवान बनाने के साथ परिवार के लिए भोजन एक दिन पहले ही तैयार कर लेती हैं। सुबह होते ही स्नान के साथ पूजन करने को मंदिरों में पहुंचना शुरू हो जाता है। देवी गीत गाते हुए महिलाओं ने पहले पांच या सात होली पूजन कर मंदिरों में पूजा अर्चना की। रामलीला प्रांगण स्थित मां शीतला देवी मंदिर में पैर रखने की जगह नहीं थी। हनुमान गंज मोहल्ले में स्थित शीतला मां के मेले एवं कोटला मोहल्ला तिराहे पर स्थित पथवारी माता मंदिर, चंद्रवार गेट पथवारी मंदिर एवं रसूलपुर डाकबंगला स्थित पथवारी मां के मंदिर पर महिलाएं पूजा करने के लिए पहुंची। बच्चों का मुंडन कराया गया। कोटला रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर पर पूजा करने वालों की भीड़ रही। इधर लालपुर हजीरा स्थित मां शीतला देवी मंदिर में मेले का आयोजन किया। शुभारंभ सपा जिलाध्यक्ष व एमएलसी डा. दिलीप यादव ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि मेला हमारी संस्कृति के ही परिचायक हैं। संचालन डा. प्रमोद यादव ने किया। मेला कमेटी के भुवनेश यादव, रामनिवास यादव, पप्पू यादव, अरविंद यादव, ब्रजेश यादव ने डा. दिलीप यादव का स्वागत किया। इस दौरान अवधेश राजौरिया, अकील अंसारी, विज्ञान प्रकाश शर्मा, शिवदेश, लकी शर्मा, बाबी शर्मा, रमाकांत उपाध्याय, हनीफ खाकसार, अशफाक अहमद, जयराम यादव, बाबी शर्मा आदि मौजूद थे। इधर मोहनदेव माता मंदिर चौबान मोहल्ला में बासौड़ा पूजन करने वालों की भीड़ रही।