दिल्ली रेलखंड के मितावली स्टेशन पर कालका मेल का इंजन फेल हो गया। इस पर दूसरा इंजन लगाकर ट्रेन को आगे बढ़ाया गया। यह ट्रेन करीब चार घंटे तक मितावली-बरहन स्टेशनों पर खड़ी रही। मात्र 50 मिनट की दूरी तय करने में ट्रेन को छह घंटे लग गये। इसके चलते पीछे जा रहीं बारह ट्रेनें प्रभावित रहीं।
अपने निर्धारित समय से करीब सात घंटे देरी से चल रहीं हावड़ा-कालका मेल बुधवार रात 11:10 बजे करीब टूंडला स्टेेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। रेल चालक ने स्पीड दी, किंतु इंजन लोड दिखाने लगा। चालक ने पहले चेन पुलिंग समझा तथा मात्र पांच मिनट के रास्ते पर 40 मिनट में तय कर मितावली स्टेशन पहुंचा। वहां उसने पूरा चेक करते हुए ट्रेन को चलाने की कोशिश की लेकिन इंजन लोड दिखाता रहा।
तब चालक ने ब्रेक आदि जाम होने की आशंका जताते हुए नियंत्रण कक्ष को इसकी जानकारी दी। टूंडला से भेजी टीएक्सआर की टीम ने पहुंचकर ट्रेन को चेक किया लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं मिली। किसी तरह ट्रेन को रात 12:45 बजे करीब बरहन स्टेशन की लूप लाइन में खड़ा कर दिया गया। साथ ही नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर टूंडला से दूसरा इंजन भेजा गया। तब साढ़े तीन बजे करीब ट्रेन को चलाया गया। टूंडला से अलीगढ़ 50 मिनट में पहुंचने वाली यह ट्रेन करीब छह घंटे में अलीगढ़ स्टेशन पहुंची। इस दौरान सीमांचल एक्सप्रेस, बरौनी एक्सप्रेस, कालिंदी एक्सप्रेस एवं गुड्स ट्रेनों सहित बारह ट्रेेनें प्रभावित रहीं। इससे यात्री खासे परेशान रहे।