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न्याय नहीं मिला तो दबंगई का जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा

Wed, 13 Jan 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद।
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दूसरी फाइल पेज दो के लिए::
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बुधवार को सिरसागंज में आयोजित सवर्ण समाज की पंचायत में सवर्णों ने राजकुमार उर्फ पप्पू प्रधान के पक्ष में हुंकार भरी। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला। बिना अनुमति के बुलाई गई पंचायत पर पुलिस व आयोजकों में नोंकझोंक भी हुई।
बताते चलें कि पांच जनवरी 2016 को रजौरा में गिरीश यादव की हत्या हो गई थी। ग्राम प्रधान राजकुमार सिंह पप्पू को आरोपी बनाते हुए मृतक के परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रधान के घर तोड़फोड़ व पथराव किया। घर के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। प्रधान पक्ष की सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंची और ना ही किसी उपद्रवी को गिरफ्तार किया। प्रधान के समर्थन में पूर्व मंत्री जयवीर सिंह ने मोर्चा खोल दिया। पंचायत में गणमुक्तेश्वर से आई शेर सिंह राणा की बहन शिखा सिंह ने कहा कि जिस सरकार को आपने वोट दिया उसी सरकार ने आप को उखाड़ कर फेंक दिया है। आज सवर्ण समाज का शोषण हो रहा है। कल तक जो दूसरों की रक्षा करते थे आज खुद रक्षा की गुहार लगा रहे हैं। पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह ने कहा कि युवक की हत्या रजौरा गांव के किसी अन्य युवक ने की और राजनैतिक द्वेष निकालने के लिये आरोप पप्पू प्रधान पर लगाया गया। गांव के बाहर से आए लोगों ने पप्पू के घर पर उपद्रव किया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि पुलिस राजकुमार उर्फ पप्पू प्रधान सहित अन्य निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमा समाप्त करे। पूर्व विधायक शिव सिंह चक, पूर्व जिलाध्यक्ष सुमन प्रकाश मिश्रा, अतुल प्रताप, सुमन चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
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 19 जनवरी को जिला मुख्यालय का होगा घेराव  
 महापंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो 19 जनवरी को जिला मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा।
महापंचायत में महाड्रामा-खून मैंने किया
पूरी तरह ग्राम प्रधान राजकुमार उर्फ पप्पू के समर्थन में हुई महापंचायत में एक महाड्रामा भी हुआ। मंच से पूर्वमंत्री जयवीर सिंह ने कहा भी कि गिरीश की हत्या किसी और ने की है, पप्पू को राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया। बात यहीं खत्म नहीं हुई। कुछ लोग मीडियाकर्मियों को अलग स्थान पर ले गए। वहां एक युवक को पेश किया गया। उसने मीडिया के कैमरों के सामने दावा किया कि उसी ने गिरीश को मारा था। उसके मुताबिक प्रधानी चुनाव में वोट पप्पू के प्रतिद्वंद्वी को न देने पर कहासुनी हुई। गिरीश नशे में था। तमंचा तान दिया। छीनाझपटी में गोली चल गई और गिरीश गिर पड़ा। बाइक पर भागते समय उसने उसी तमंचे से उसे एक और गोली मार दी थी। यह भी कहा कि उस समय गिरीश के परिवार का कोई व्यक्ति उसके साथ नहीं था। अपना नाम अभिषेक शर्मा बताने वाले इस युवक ने कहा कि उसकी जान को बड़ा खतरा है और वहां से चला गया।
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जांच में शामिल करेंगे: एसपी
इस दावे के बारे में जब एसपी पीयूष श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस कथित अभिषेक के वीडियो क्लिप, फोटो आदि जुटा रही है। हत्या की जांच में इसे भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसवाले युवक को क्यों नहीं पकड़ पाए, इसकी भी जांच होगी। लापरवाही मिली तो उन पर कार्रवाई भी होगी।
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