बजरिया क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर मजिस्ट्रेट ने बंद दुकानों के फड़ों पर बुलडोजर चला दिया। व्यापारी कार्रवाई को रुकवाने के लिए गुहार करते रहे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। विरोध के स्वर तेज हुए, तो व्यापारियों को जेल भेजने तक की धमकी दी गई। दुकानदारों ने कहा कि अगर कार्रवाई ही करनी थी तो पहले से सूचित करते।
बजरिया में लगने वाले जाम और स्थाई अतिक्रमण को हटवाने के लिए मंगलवार शाम को नगर मजिस्ट्रेट ने रवींद्र सिंह ने बंद दुकानों के फड़ों पर जेसीबी चलवाकर तुड़वा दिया। पीड़ित दुकानदारों का आरोप था कि उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट से एक दिन का समय मांगा था। इससे वह खुद ही नाली के बाहर बने फडों को तोड़ देते, लेकिन नगर मजिस्ट्रेट ने समय देने से मना कर दिया। विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। व्यापारियों ने कहा कि कार्रवाई से पूर्व प्रशासन को अतिक्रमण वाले स्थान पर निशान लगा देते, दुकानदार खुद ही तोड़ देते। नाराज व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को चेतावनी दी है जिन फड़ों को गलत तरीके से तोड़ा गया है, उनको ठीक नहीं कराया गया तो बुधवार को बाजार बंद कर आंदोलन किया जाएगा। विरोध जताने वाले दुकानदारों में पवन गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, जीतेश अग्रवाल, आशू अग्रवाल, चुन्नालान अग्रवाल, रामनिवास गुप्ता आदि शामिल रहे।
निष्पक्ष रूप से हुई है कार्रवाई
जिन दुकानों के फड़ तोड़े गए है, उनका चिन्हीकरण पूर्व में करने के साथ ही निशान भी लगवा दिए गए थे। कुछ दुकानदारों ने स्वत: ही नाली के बाहर के फड़ को तोड़ दिया था। जिन लोगों ने अवैध निर्माण को नहीं तोड़ा उन्हें प्रशासन ने तुड़वा दिया।
रविंद्र कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट