फिरोजाबाद। चार दिन तक शहर को गंगाजल न मिलने से मचे हाहाकार के बाद अब यह तय हो गया है कि नगर निगम नहर के मेंटीनेस और सफाई के लिए सिंचाई विभाग को हर साल चार करोड़ रुपये देगा वहीं अन्य कार्यों के लिए जल निगम को भी करीब डेढ़ करोड़ रुपया दिया जाएगा। इस रकम की भरपाई के लिए नगर निगम अभियान चलाकर जल मूल्य की वसूली करेगा। अवैध कनेक्शन धारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक नगर निगम अपने स्रोतों से शहर को पानी उपलब्ध करा रहा है। जिसके तहत नगर निगम पर किसी भी विभाग की देनदारी नहीं है, लेकिन वर्तमान में नगर निगम शहर को पानी उपलब्ध कराने के लिए सिंचाई विभाग से प्रतिदिन 50 क्यूसेक पानी ले रहा है। इसके एवज में नगर निगम को सिंचाई विभाग को जहां हर साल चार करोड़ रुपये अदा करने होंगे। वहीं, नंदपुर स्थित इंटेक प्लांट के मेंटीनेंस के लिए जल निगम को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान हर वर्ष करना होगा। इस भुगतान के लिए नगर निगम के पास शासन से कोई अतिरिक्त बजट भी स्वीकृत नहीं हुआ। दोनों विभागों को समय से पैसा देने और शहर को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम के अधिकारी अब जलमूल्य की वसूली के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। जिससे पैसा एकत्रित कर सिंचाई विभाग को समय से दिया जा सकें और शहर को पर्याप्त पानी मिलता रहे।
हर साल लिया जाएगा 900 रुपये जल मूल्य
नगर निगम के अधिकारी एक कनेक्शन धारक से साल में 900 रुपये जलमूल्य वसूलेंगे। प्रति कनेक्शन धारक पर प्रतिमाह 72 रुपये का खर्च बढ़ जाएगा।
वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र में ऑन रिकार्ड पेयजल कनेक्शन धारकों की संख्या 52 हजार है। साल में जलमूल्य के रूप में वसूली का लक्ष्य पांच करोड़ से अधिक का है।
अपना कनेक्शन करा लें लोग
मेंटीनेंस के लिए नगर निगम सिंचाई विभाग और जल निगम को साढे़ पांच करोड़ रुपये सालाना देगा। अब जलमूल्य वसूलने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर वसूली की जाएगी। जिन लोगों ने अभी तक कनेक्शन नहीं कराया है, वह अपना कनेक्शन करा लें। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
-विजय कुमार, नगर आयुक्त
गर्मियों के लिए अभी से करनी होगी तैयारी : असीजा
सर्दी के दिनों में शहर में गहराए पेयजल संकट को लेकर सिंचाई विभाग और नगर निगम के बीच की खींचतान के मामले को विधायक मनीष असीजा ने शासन के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया। विधायक ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले में शनिवार शाम को नगर विकास के प्रमुख सचिव से बात की। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ मंडलायुक्त से भी बात की है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि विभाग संबंधित समस्या का निदान एक-दूसरे के पाले में फेंकते रहे और आम जनता परेशान होती रहे। शासन तक बात पहुंचने के बाद पहले सीडीओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। मंडलायुक्त ने भी अधिकारी तलब करके समस्या का निदान करने को कहा। उधर, रविवार को विधायक ने फिरोजाबाद क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी सार्वजनिक मंच से पेयजल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गर्मियों के दिनों में पानी का संकट न हो इसके लिए अभी से तैयारी करनी होगी। कहा कि चिंता की बात है जिन विभागों पर समस्या के निदान का जिम्मा है और शहर को पानी देने की जिम्मेदारी है वही एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर बच रहे हैं।