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समवशरण विधान में भक्ति से ओत-प्रोत दिखे श्रद्धालु

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jain mela women empowerment - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। पीडी जैन कॉलेज के सामने मेला स्थल पर ऐतिहासिक जैन मेला महोत्सव में 25 समवशरण विधान जारी रहा। जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में पूजा-अर्चना की गई। संगीतमय मंत्रोच्चारण कर श्रद्धालुओं ने समवशरण पर अर्घ्य चढ़ाए। इस दौरान जयकारों से महोत्सव स्थल गूंज उठा।
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सुहागनगरी में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। समवशरण विधान में सौधर्म इंद्र, चक्रवर्ती, यज्ञनायक के साथ इंद्र-इंद्राणियों ने पूजा-अर्चना की। विधानाचार्य मनोज जैन शास्त्री और सहप्रतिष्ठाचार्य संजय जैन शास्त्री ने पूजा-अर्चना कराई। समवशरण विधान में शामिल होकर श्रद्धालु भक्ति से ओत-प्रोत दिखे। शाम को समवशरण में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। चक्रेश एंड पार्टी के कलाकारों ने सौधर्म इंद्र दरबार का भव्य नाट्य का मंचन किया।
महिला सम्मेलन का आयोजन
दोपहर में महिला जैन मिलन संस्था द्वारा नारी सशक्तिकरण पर महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। मंच उद्घाटन सीडीओ नेहा जैन, डीआईओएस रितु गोयल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसमें संभ्रात महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त किए। निर्देशिका संतोष जैन और अध्यक्ष शीतल जैन ने अतिथियों का सम्मान किया।
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समवशरण में बैठने से मोक्ष का मार्ग मिलता है: मुनि
विधान के बाद इंद्रों द्वारा की गई जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। चक्रवर्ती इंद्र बने दिनेश कुमार जैन ने कहा कि समवशण में बैठने से मानव जीवन में क्या फायदा होता है। जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ने कहा कि समवशरण में बैठकर मोक्ष मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में किसी भी शुभ कार्य के अवरुद्ध होने का मुख्य कारण पाप होता है। मनुष्य जीवन में पाप से बड़ा कोई शत्रु नहीं है।
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