फिरोजाबाद। थाना मटसेना क्षेत्र के एक किशोर की संदिग्ध परिस्थिति में फंदा कसने से मौत हो गई। परिजन उसे प्रताड़ित करने व मारने-पीटने का आरोप लगाया है। गांव का ही एक युवक करीब 12 दिन पहले उसे काम करने के लिए नासिक ले गया था। जहां उसे काम के लिए प्रताड़ित किया जाता था। मंगलवार को उसका शव गांव परिजन गांव लेकर पहुंचे। परिजन ने जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के समझाने पर वह मान गए। मटसेना के गांव खरसौली निवासी संतोष शर्मा के सबसे छोटे पुत्र 15 वर्षीय रोहित को करीब 12 दिन पहले गांव का ही प्रांशु अपने साथ काम करने के लिए ले गया था। 24 नवंबर को संदिग्ध परिस्थिति में फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। घटना के करीब छह घंटे बाद परिजन को मामले की जानकारी हुई। मृतक के ताऊ देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रांशु उसे नौकरी दिलाने के नाम पर गांव से ले गया था। वह खुद तो दिल्ली चला गया और अपने रिश्तेदार के साथ रोहित को नासिक भेज दिया। जहां वह हलवाई का काम करने लगा।
24 नवंबर को जब घटना की जानकारी मिली तो उसके पिता नासिक के लिए रवाना हो गए। मंगलवार को शव गांव पहुंचा, तो परिजन रोने-बिलखने लगे। वह दो बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा था। थाना मटसेना प्रभारी रंजना गुप्ता ने बताया कि नासिक पुलिस से बात की गई थी। किशोर ने फंदा लगाकर जान दी है। अगर शिकायती पत्र आता है तो उसे गांव से ले जाने वालों के खिलाफ जांच कराई जाएगी।
मुझे यहां से ले जाओ, यह लोग काम के लिए पीट रहे हैं
मृतक रोहित के बहनोई सुमित ने बताया कि करीब चार से पांच दिन पहले उसके पास रोहित को फोन आया था। तब वह रोते हुए बोल रहा था कि मुझे यहां से ले जाओ। यह लोग काम के लिए उसे बुरी तरह पीट रहे हैं। जब सुमित ने अन्य युवक से बात की तो युवक उसे भी मारने की धमकी देने लगा था।