फिरोजाबाद। सौ शैया महिला अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत 27 प्रसूताओं का फर्जी तरीके से हाई बीपी दिखाकर डेटा अपलोड करने के मामले की जांच ठंडे बस्ते में है।
सीएमओ डॉ. रामबदन राम द्वारा 14 जनवरी को गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी (सीएमएस डॉ. नवीन जैन, एसीएमओ डॉ. केके वर्मा और कोऑर्डिनेटर अतुल दीक्षित) ने 20 दिन बीतने के बाद भी न तो फाइलों की पड़ताल की और न ही बयान दर्ज किए। मामले में अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। सीएमएस अन्य सदस्यों के न आने की बात कह रहे हैं, वहीं सीएमओ इसे महिला अस्पताल का आंतरिक मामला बता रहे हैं।
इधर, सेवा से हटाई गई आरोग्य मित्र हिना नूरी द्वारा आउटसोर्स कंपनी के कोऑर्डिनेटर पर धमकाने और दबाव बनाने के लगाए गए गंभीर आरोपों की भी कोई सुध नहीं ली गई है। पोर्टल पर फर्जी डेटा फीडिंग और डॉक्टरों के हस्ताक्षरों के सत्यापन जैसी महत्वपूर्ण जांच प्रक्रिया अधिकारियों की शिथिलता के कारण आगे नहीं बढ़ सकी है।