एका (फिरोजाबाद)। थाना क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में शनिवार को वारंटी को पकड़ने गई पुलिस टीम के साथ अभद्रता की गई। गांव के कुछ लोगों ने आरोपी का साथ देते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाली। रविवार को पुलिस ने तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को शांति भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस से अभद्रता आदि धाराओं में पाबंद करते हुए कोर्ट में पेश किया। वहां से उनको जेल भेजा गया।
एका पुलिस बलवा के मामले में वांछित वारंटी सुरेश चंद्र को पकड़ने गोविंदपुर पहुंची थी। गांव में एक शोक सभा के दौरान जब पुलिस ने सुरेश को दबोचने की कोशिश की, तो वहां मौजूद भीड़ भड़क गई। आरोप है कि परिवार और गांव की महिलाओं ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। विवाद इतना बढ़ा कि महिलाओं और युवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और उनकी वर्दी तक खींच डाली। इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर वारंटी सुरेश चंद्र मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस टीम से भिड़ना और अपराधी को संरक्षण देना आरोपियों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर मौके से और दबिश देकर निशा, मनोज देवी, प्रीति, रंजीत, अतुल और अंशिका के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस के साथ अभद्रता करने और शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वारंटी की तलाश में जुटी पुलिस
एका थाना प्रभारी संजुल पांडेय ने बताया कि पुलिस न्यायालय के आदेश का पालन करने गई थी। सरकारी काम में बाधा डालना और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करना गंभीर अपराध है। गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। वारंटी सुरेश चंद्र अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।