सुहागनगरी की आबादी बढ़ रही है क्षेत्रफल भी बढ़ रहा है लेकिन बुनियादी सुविधाएं उस अनुपात में नहीं बढ़ रही हैं। शहर में लाखों की आबादी बढ़ने के बावजूद शहर की जरूरत के हिसाब से ड्रेनेज सिस्टम का डेवलपमेंट नहीं हो सका। वर्षों पुराने दो गांव बासठ व हिमायूंपुर नालों पर ही पूरे शहर की जलनिकासी निर्भर है।
पुराना शहर था, तब शहर में समस्याएं भी कम थीं। शहर की आबादी के लिए जिला प्रशासन एवं नगर पालिका द्वारा जुटाए गए संसाधन पर्याप्त थे। आमजनता को मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो जाती थीं। समस्याओं के निदान को सरकारी विभागों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ते थे। जैसे-जैसे शहर बढ़ता गया, वैसे-वैसे जनता की समस्याएं भी बढ़ती गईं। वर्ष 2008 में शहर से सटी 13 ग्रामसभाएं नगर पालिका सीमा में शामिल हुईं। इन ग्रामसभाओं की आबादी करीब 3.50 लाख थी। इसके बाद नई आबादी के क्षेत्र कश्मीरी गेट, आकाशवाणी रोड, साठ फुटा, कोहिनूर रोड, जाटवपुरी, न्यू रामगढ़, नैनी ग्लास जो शहर के काफी निचले इलाके थे नगर पालिका सीमा में शामिल हुआ। नई आबादी से जुड़े क्षेत्र की आबादी भी दो लाख से ऊपर पहुंच गई। ढाई तीन-लाख की आबादी वाला शहर बढ़कर आठ से नौ लाख तक पहुंच गया, लेकिन शहर की जरूरत के हिसाब से ड्रेनेज सिस्टम तैयार नहीं हो सका। यही कारण है कि बरसात के मौसम में पूरे शहर में बदतर हालात पैदा हो जाते हैं। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर होते हैं।
गांव बासठ नाले से जुड़ता है यह क्षेत्र
संतनगर, बगिया मोहल्ला, राजपूताना, संपतराम हास्पिटल, आगाशाह मस्जिद, हुसैनी मस्जिद से मु. दुली, बोधाश्रम रोड, नगला करन सिंह, नगला मिर्जा, रैपुरा रोड, साठ फुटा रोड तक। कोटला चुंगी, रामलीला चौराहा, हनुमान गंज। कोटला रोड से माता वाला मंदिर, डाकखाना से मु. दुली। जलेसर रोड शिवाजी मार्ग से डाकखाना होते हुए मु. दुली। सदर बाजार, छक्कू हलवाई की पुलिया, बगिया मोहल्ला, कस्साबान। थाना रसूलपुर से संपतराम हास्पिटल। नगला बरी से कश्मीरी गेट, आकाशवाणी रोड, जाटवपुरी नैनी ग्लास, थाना रसूलपुर हुए होते हुए संपतराम हास्पिटल पर गिरता है। राजाराम की पुलिया से कोटला मोहल्ला, जोशियान मोहल्ला, खोया मंडी से मालवीय नगर।
हिमायूंपुर नाला से जुड़ने वाला क्षेत्र
कैलाश नगर, सत्यनगर टापाकलां, झील की पुलिया, न्यू रामगढ़, सदर तहसील, नगला भाऊ, हिमायूंपुर से झरना नाले में गिरता है। इसके अलावा बंबा बाईपास नाला, महादेव नगर भी हैं, जिनकी अभी तक सफाई नहीं हो सकी।
एसटीपी के निर्माण से होगा सीवरेज समस्या का समाधान
शहर में दिनों दिन गंभीर होती जा रही सीवरेज समस्या का निदान एसटीपी के निर्माण से दूर होगा। वर्ष 2008 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना को मंजूरी मिली थी। जेनर्म योजना के तहत जलनिगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ हुआ। जलनिगम की लापरवाही के चलते 100 करोड़ की धनराशि सीवर लाइन बिछाने व पंपिंग स्टेशन पर ही खर्च हो गई। शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए मोहम्मदपुर बिहारीपुर में करीब 10 एकड़ जमीन पर नोएडा की त्रिवेणी कंपनी द्वारा 72 लाख की धनराशि से एसटीपी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
मोहम्मदपुर बिहारीपुर एसटीपी का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। चयनित स्थल पर बिल्डिंग, बाउंड्री के साथ प्राइमरी क्लेरीफायर, सेकेंड्री क्लेरीफायर, एयर ऐसन टैंक का निर्माण भी शुरू हो गया है। हमारा प्रयास है कि एसटीपी का निर्माण फरवरी-17 तक पूर्ण कर लिया जाए।
आरके शर्मा, एक्सईएन-जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड
शहर छोटा होने के साथ समस्याएं काफी कम थीं। बारिश अधिक होती थी। लेकिन जलभराव नहीं होता था लेकिन आज अधिकारी व्यवस्थाओं को सुधारने की ओर ध्यान नहीं देते। यही कारण है कि हल्की बारिश होते ही जलभराव हो जाता है।
बालबिहारी लाल शर्मा, पूर्व चेयरमैन नगर पालिका फीरोजाबाद।