फिरोजाबाद। बारिश के दिनों में गिरासू और जर्जर इमारतें नगर में हादसे का सबब बन सकती हैं। शहर में कई इमारतें वर्षों पुरानी और गिरासू हालत में है। नगर निगम ने भी ऐसे चिह्नित कर लिया है लेकिन कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक सीमित हैं। कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी भवन स्वामियों में इन भवनों को न तो गिराया है और न ही इनकी मरम्मत कराई है।
शहर में करीब दो दर्जन भवन बारिश में हादसे का सबब बन सकते हैं। इन भवनों की मरम्मत अथवा ध्वस्त कराने के लिए नगर निगम द्वारा नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी भवन स्वामियों द्वारा न तो भवन को ध्वस्त कराया गया और न ही मरम्मत। शहर के सदर बाजार से लेकर मोहल्ला गंज, कोटला रोड, जलेसर रोड, पुराना रसूलपुर, कटरा मोहल्ला सहित अन्य क्षेत्रों में लगभग 23 भवनों को नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित किया जा चुका है। इन भवन स्वामियों को एक वर्ष पूर्व भवन को ध्वस्त करने अथवा मरम्मत कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि नतीजा ढाक के तीन पा रहा।
विवादित है भवन
नगर निगम अधिकारियों का कहना है अधिकांश जर्जर भवन विवादित है। कुछ का मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो कुछ लोग विवादित होने के कारण न तो उसकी मरम्मत कराते हैं और न ही ध्वस्त करा रहे है।
जर्जर भवन में चल रहा है राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
महावीर नगर गली नंबर चार स्थित भवन में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय संचालित है। यह भवन निगम द्वारा जर्जर घोषित किया जा चुका है।
यह जर्जर इमारतें बन सकती हैं हादसे का सबब
- सदर बाजार स्थित पुरानी इलाहाबाद बैंक वाला भवन : दो मंजिला बने इस भवन की ऊपर की मंजिल खंडहर हो चुकी है। नीचे दुकानों में पानी टपकता है। इस भवन के नीचे से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों को गुजरना होता है।
- गंज चौराहा के समीप स्थित भवन: भवन जर्जर होने के साथ ही छज्जे की ईंट आए दिन सड़क पर गिरती है। इससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। इस मार्ग से शोभायात्राएं भी निकलती हैं।
- जलेसर रोड पर दो मंजिला बना जर्जर भवन: नीचे की मंजिल में दुकानें और ऊपर की मंजिल में लोग रहते हैं। इस भवन का छज्जा भी कई स्थानों से टूटा है। इस मार्ग से मां दुर्गा की शोभायात्रा और अन्य कई जुलूस भी गुजरते हैं।
लोगों की बात
खंहडर पड़े भवन को ध्वस्त कराने के लिए काफी बार प्रयास किए गए लेकिन दुकान खाली न होने के कारण भवन ध्वस्त करने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
अमित जैन निवासी पुरानी इलाहाबाद बैंक
दुकान के पास बना भवन जर्जर है। आए दिन ईंट गिरती रहती है। दो बार हादसे होने से बच गए। भवन जर्जर होने के कारण इसमें कोई रहता नहीं है। किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
नितिन कुमार पोरवाल, दुकानदार गंज चौराहा
जलेसर रोड पर कई भवन काफी जर्जर हालत में है। इन भवनों के पास से गुजरने में डर लगता है। यदि समय रहते भवनों की मरम्मत अथवा ध्वस्त नहीं कराया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रवीन कुमार, निवासी गांधी नगर
सर्वे के अनुसार शहर में कुल 23 मकान जर्जर है। इन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है। भवन को ध्वस्त करने का अधिकार नगर निगम के पास नहीं है। जो भवन जर्जर है उन भवन स्वामियों को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी भी दी गई है। यदि कोई हादसा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी।
अतुल पांडेय - एक्सईएन निर्माण विभाग नगर निगम