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जिला अस्पताल में वार्ड फुल, एक-एक बेड पर दो-दो मरीज

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जिला अस्पताल के वार्ड के बाहर बरामदा में वार्ड बनाकर लिटाए गए मरीज। अमर उजाला - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। मौसम की मार से जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या इतनी हो गई है वार्ड के सारे पलंग भर गए हैं। इसके अलावा बरामदों में डाले गए बेड भी फुल हैं। हाल ये है कि एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती करने पड़ रहे हैं।
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सबसे ज्यादा उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। मेडिसन वार्ड चार एवं पांच में 20-20 पलंग हैं। मरीजों की संख्या देखते हुए बरामदे में भी 10-10 पलंग बढ़ा दिए हैं। इसके बाद भी मरीजों की संख्या अधिक है। अन्य दिनों में 60 पलंगों पर 70 से 75 मरीज भर्ती हो जाते हैं। यानि एक पलंग पर दो मरीजों को भर्ती करना पड़ता है।
मेडिकल कालेज की प्राचार्य डा. संगीता अनेजा ने कहा कि सभी वार्डों में कूलर रखवा दिए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि हम स्वयं वार्डों में जाकर व्यवस्थाएं देख रहे हैं।
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हड्डी रोग विभाग में गरीब मरीज का इलाज कराना आसान नहीं
फिरोजाबाद। अस्पताल के हड्डी रोग वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि दवाएं बाहर की लिखी जाती हैं। रॉड डालने के पांच हजार रुपये लिए हैं। पुराना रसूलपुर निवासी अब्दुल वकील ने कहा कि शनिवार से भर्ती हैं।
डाक्टर ने कहा कि 13 हजार रुपये का इंतजाम कर लो, रॉड आएगी, तब पैर का आपरेशन होगा। उन्होंने कहा कि अगर रुपये होते तो प्राइवेट में इलाज करा लेते। अस्पताल प्रशासन को हड्डी विभाग के लिए कुछ करना चाहिए। गांव मिलिक ने कहा कि पांच हजार रुपये में पैर का आपरेशन हुआ है।
पैर के आपरेशन के लिए रॉड अस्पताल से उपलब्ध नहीं कराई जाती। मरीज को यह स्वयं उपलब्ध करानी होती है। यही नहीं, बल्कि ऐसा हर अस्पताल एवं मेडिकल कालेज में है। आगे सरकार का जैसा आदेश आए, उसी अनुसार कार्य करेंगे।
डा. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कालेज
रेडक्रास के खाते से गरीबों का इलाज कराने की थी चर्चा
फिरोजाबाद। विगत दिनों सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने रेडक्रास के खाते से गरीब मरीजों के इलाज में आने वाला खर्च का वहन करने की रणनीति बनाई थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
मरीजों का दर्द
- वार्ड नंबर तीन में भर्ती अनुज ने बताया कि वार्ड में एक कूलर है। गर्मी लगती है, इसलिए घर से पंखा लेकर आया हूं। एक कूलर इतने बड़े वार्ड में नाकाफी है।
- हड्डी रोग वार्ड में भर्ती में रिंकू ने बताया कि चिकित्सकों ने बाहर की दवा लिख दी है। प्रत्येक दिन की दवा 60 से 70 रुपये की है।
- हड्डी रोग वार्ड में भर्ती अंजू ने बताया कि पिताजी का पैर टूट गया था। डाक्टर ने कहा कि पांच हजार रुपये की रॉड आएगी। अस्पताल में रॉड नहीं मिलती है। इसके बाद ही आपरेशन हो पाएगा। गरीब मरीज कैसे इलाज करा पाएगा।
प्राइवेट ट्रामा सेंटर में भी मरीजों की भीड़
सेवार्थ संस्थान के प्राइवेट ट्रामा सेंटर में भी मरीजों की भारी भीड़ रही। शुक्रवार को ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ थी। पर्चा लेेने के लिए कतार लगानी पड़ी। मौसमी बीमारियों का लोग शिकार हो रहे हैं। डाक्टरों के क्लीनिक भी फुल हैं।
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